कर्नाटक, देखना यह है कि राज्यपाल, राजधर्म निभाते हैं या... दोस्ती

विशेष टिप्पणी  



कांग्रेस जेडीएस के मिलने से उन्हें स्पष्ट बहुमत हो जाने के बाद भी राज्यपाल द्वारा सरकार बनाने का न्यौता अभी तक नहीं दिए जाने और इस बीच येदियुरप्पा के यह कहने कि सौ फीसदी भाजपा ही सरकार बनाएगी. उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा भी पेश किया है. वह आज बुधवार को भी कह रहे हैं 'कल मैं ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लूंगा.' बीजेपी के सहस्रबुद्धे भी कह रहे हैं कि उन्हें राज्यपाल पर पूरा भरोसा है. ऐसे में खरीद फरोख्त की ख़बरें फेल रही हैं, जो कि स्वाभाविक है. महामहिम कहे जाने वाले राज्यपाल चुप हैं. देखना यह है कि राज्यपाल राजधर्म निभाते हैं या... दोस्ती.  




@विनोद सोनी 
 संवाददाता डिजिटल इंडिया 18 ऑनलाइन 



कर्नाटक में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद भी सरकार बनाने की दौड़ में पिछड़ गई. मंगलवार को रुझानों में बहुमत से बहुत आगे 122 तक पहुँच जाने के बाद 104 सीटों पर सिमट गई. बहुमत से भाजपा के 8 सीटें दूर रहने का फायदा कांग्रेस ने उठाया. उसने गोवा-मेघालय का सबक याद किया, जहां वह सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार नहीं बना पाई थी. और तत्काल बिना मांगे और बिना शर्त 38 सीटों वाली पार्टी जेडीएस को समर्थन दे दिया. बस फिर क्या था जेडीएस के कुमारस्वामी ने कांग्रेस से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. 


अचानक बदली स्थिति के बावजूद येदियुरप्पा ने कहा कि सौ फीसदी भाजपा ही सरकार बनाएगी. येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मुलाकात कर सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा भी पेश किया. वह आज बुधवार को भी कह रहे हैं 'कल मैं ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लूंगा.' बीजेपी के सहस्रबुद्धे ने भी कहा है कि "मुझे पूरा भरोसा है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते हमें सरकार गठन का दावा करने का लोकतांत्रिक अधिकार है और राज्यपाल हमारे दावे का निश्चित तौर पर सम्मान करेंगे." ऐसे में खरीद फरोख्त की ख़बरें फेल रही हैं, जो कि स्वाभाविक है. महामहिम कहे जाने वाले राज्यपाल चुप हैं. समझ नहीं पा रहे राज धर्म निभाएं या...दोस्ती. जैसे जैसे देर हो रही है, लोग वैसे वैसे कुछ कुछ बातें कर रहे हैं. और एक संवैधानिक पद की गरिमा नीचे खिसक रही है. 


दुसरी ओर येदियुरप्पा के आज के बयान कि 'कल वो ही शपथ लेंगे', से कांग्रेस जेडीएस में आक्रोश पनप रहा है. यदि राज्यपाल द्वारा जेडीएस को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया जाता कुछ और गड़बड़ की जाती है तो कांग्रेस जेडीएस अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे. हालांकि, यह तय माना जा रहा है कि जेडीएस के कुमारस्वामी ही सीएम होंगे.

कौन हैं कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला  
कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला, जिनके पास है कर्नाटक की सत्ता की चाबी, बीजेपी खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी निकट होकर अच्छे दोस्त हैं. जब पहली बार नरेंद्र मोदी को विधानसभा चुनाव लड़ना था, तब वजुभाई वाला ने ही अपनी विधायकी कुर्बान करते हुए राजकोट की सीट खाली कर दी थी. गुजरात में मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद पीएम मोदी वहां से पहली बार चुनाव जीते थे. 2014 में केंद्र में बीजेपी सरकार बनने और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद वजुभाई वाला को इनाम के तौर पर कर्नाटक का राज्यपाल पद मिला. 

-वजुभाई वाला 2012 से 2014 तक गुजरात विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं.
-गुजरात का राजकोट सीट 1984 में बीजेपी ने कांग्रेस से छीनी थी, जब वजुभाई वाला यहां से विधायक बने थे. 
-गुजरात सरकार में वह 1997 से 2012 तक कैबिनेट मंत्री तक जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. 

-बीजेपी सरकार में वजुभाई वाला को गुजरात का वित्त मंत्री भी बनाया गया था. 


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