शिवराज की पुलिस काट रही चालान, वोट बैंक बढ़ रहा देख कांग्रेस चुप





''इन दिनों मुख्यमंत्री शिवराज की पिपरिया में मंगलवारा पुलिस गरीब हाथ ठेले वालों से लेकर दुपहिया वाहन चालकों के चालान काटने में जुटी है. और कांग्रेस है कि चालानों को अपना वोट बैंक समझ कर चुप है. समझे न कोई भी दर्द... अब गरीब जनता जाए तो जाए कहाँ?''

पिपरिया पुलिस के आला अधिकारियों के सामने मंगलवारा बाजार और उसके आसपास ट्रैफिक की बढ़िया व्यवस्था को दर्शाने के लिए इन दिनों मंगलवारा पुलिस गरीब हाथ ठेले वालों से लेकर दुपहिया वाहन चालकों के चालान काटने में जुटी है. जहाँ एक ओर मंगलवारा बाजार से स्टेशन रोड पर बैठे दिहाड़ी दुकानदारों को पुलिस अपना निशाना बना रही है, तो वहीं दुसरी ओर बड़े दुकानदार, धन्ना सेठों के अतिक्रमणों पर ट्रैफिक अमला मौन धारण किये हुए है. 

हाथ ठेले पर फल की दुकान लगाने वाले एक गरीब के अनुसार चालान काटने पर हम को पूरा दिन कोर्ट में खड़े रहना पड़ता है. हर दिन बमुश्किल से 4 सौ 5 सौ रुपये कमाने वाले उस दिन क्या करेें. कोर्ट जायें या फिर परिवार पालें? इन गरीबों से हजारों वोट लेकर "सत्ता" की एयर कंडीशन गाड़ी में घूमने वाले नेताओं को ट्रैफिक पुलिस की ओर देखने, उसे कुछ भी कहने, टोकने का समय नहीं है. 

दूसरी ओर गुटों में बंटी कांग्रेस इन चालानों को अपना वोट बैंक समझ कर चुप है. आम जनता का कहना है कि गरीबों के चालान काटने के बजाय जरूरी तो यह है कि ट्राफिक पुलिस शहर का यातायात सुचारू करवाए. 







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