तुलाई नहीं होने से फिर एक किसान की मौत, तहसीलदार ने दिया विवादित बयान



''तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान ने विवादित बयान दिया है. वो कह रहे हैं कि खरीदी केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं हैं. जितने कांटे होना चाहिए वे हैं. किसान की मौत दु:खद है. मौत पर किसी का वश नहीं. मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये राहत राशि दी जा रही है. लेकिन वह यह नहीं बता सके कि खरीदी केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं हैं. जितने कांटे होना चाहिए वे हैं. फिर किसान परेशान क्यों है? उनकी फसल तौली क्यों नहीं जा रही? किसानों को 5 दिन तक लाइन में क्यों लगना पड़ रहा है? जैसा कि किसान नेता सुरेन्द्र रघुवंशी का कहना है कि 'किसान 5 दिन से लाइन में लगे हुए हैं. यहाँ कोई सुनवाई नहीं हो रही.' जिस किसान की मौत हुई है, वो पिछले चार दिनों से तुलाई का इंतजार कर रहा था और तपती धूप में लाइन लगाकर खड़ा था.''


मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से कोई 125 कि.मी. पर विदिशा की लटेरी तहसील में एक किसान की मौत हुई है. बीजूखेड़ी के 65 वर्षीय किसान मूलचंद मैना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में बने समर्थन मूल्य पर खरीदी केंद्र प्रांगन में आज गुरूवार सुबह मृत अवस्था में मिला है. बताया जा रहा है वह 4 - 5 दिनों से तक अपनी उपज तुलवाने के लिए मंडी में पड़ा रहा. ऐसे में अत्यधिक गर्मी में गिर कर मर गया. 

किसान की मौत की खबर के बाद नाराज जिले के किसानों ने चक्काजाम कर दिया. बताया जाता है कि किसान की मौत आज गुरुवार को हुई है. किसान की उम्र 65 साल बताई जा रही है. किसान चने की फसल को मंडी में बेचने के लिए लाया था. किसान की मौत से अन्य किसानों में गुस्सा है. किसानों को समझाने के लिए प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई है. पुलिस ने किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भी भेज दिया है. अब जांच की खाना पूर्ति होगी. 

जानकारी के अनुसार जिस किसान की मौत हुई है, वो पिछले चार दिनों से तुलाई का इंतजार कर रहा था और तपती धूप में लाइन लगाकर खड़ा था और गर्मी बढ़ने से भी परेशान था. बताया जाता है कि गुरुवार सुबह जब वह बाथरूम से लौटा तो उस वक्त चक्कर खाकर गिर गया पड़ा और किसान की मौत हो गई. यही नहीं पिछले चार दिन से किसान मंडी में ही रात बिता रहा था. किसानों का कहना है कि मंडी में सैकड़ों किसानों को लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है और बड़ी हुई लाइन के कारण किसानों को दो दिन तक इंतज़ार करना पड़ा रहा है.  , जैसा कि होता है मामले की प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. जांच क्या होती है, वह सब जानते हैं. 

व्यवस्था सुधरने की बात कोई नहीं कर रहा. किसान की मौत पर सरकार 4 लाख की घोषणा कर मुक्त हो गई है. ऐसे में अब एक और किसान कालादेव के चतुर्भुज चौरसिया ने यह बताते हुए कि वह पिछली 5 तारीख को चना लाने का SMS आया था, लेकिन तब से भटक रहा हूँ चना नहीं तुल रहा. तंग आकर उसने सरकार को धमकी दी है कि अब मैं यह चना सरकार को देकर जान दे दूंगा. 

इधर तहसीलदार लटेरी शत्रुघ्न सिंह चौहान ने विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि खरीदी केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं हैं. जितने कांटे होना चाहिए वे हैं. किसान की मौत दु:खद है. मौत पर किसी का वश नहीं. मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये राहत राशि दी जा रही है. लेकिन वह यह नहीं बता सके कि खरीदी केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं हैं. जितने कांटे होना चाहिए वे हैं. फिर किसान परेशान क्यों है? उनकी फसल तौली क्यों नहीं जा रही? किसानों को 5 दिन तक लाइन में क्यों लगना पड़ रहा है? 
जैसा कि किसान नेता सुरेन्द्र रघुवंशी का कहना है कि 'किसान 5 दिन से लाइन में लगे हुए हैं. यहाँ कोई सुनवाई नहीं हो रही.'   

उल्लेखनीय है कि एक किसान 4 से 5 दिनों तक अपनी उपज तुलवाने के लिए मंडी में पड़ा रहा. 44 डिग्री तापमान में किसान खुले आसमान में पड़ा है, ना पीने को पानी की व्यवस्था है, ना खाने की व्यवस्था. कई दिनों तक इस भीषण गर्मी में केंद्रों पर किसान अपनी उपज को तुलवाने के लिए पड़ा रहता है, उसे क्या पता कि यहां बड़े लोगों की सेटिंग से नेताओं और दलालों की सेटिंग से डायरेक्ट उनका चना बिक रहा है. आम चर्चा है कि एक गरीब किसान की कोई नहीं सुनता, हजार रुपए की पर्ची बन जाती है 2000 वाली पास हो जाती है. प्रशासन मौन है और जिम्मेदार अधिकारी कुछ नहीं करना चाहते, बस एक गरीब किसान इस तरह मारा जा रहा है.

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