बदल गए नेता, बढ़ा रहे पेट्रोल-डीजल के दाम, अब नहीं कोई जबाब, सवाल करो तो बढ़ जाते हैं आगे



''पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों के कारण देश में हाहाकार मचा हुआ है. दोनों के दाम लगभग 5 साल के सर्वोच्‍च स्‍तर पर पहुंच गए हैं. इसके पीछे बड़ी बजह है सरकार ने अपने भारी टेक्स लाद दिए हैं. आपको यह जानकार हैरानी होगी कि पेट्रोल पम्प पर आप लगभग 55.5% और डीजल पर लगभग 47.3% टैक्स चुकाते हैं. ''




आज जिस पार्टी की सरकार है, जब वह सरकार में नहीं थी, तो पेट्रोल के दाम बढ़ने पर पेट्रोल डीजल के दाम वापिस लो वापिस लो कहते हुए हाहाकार करने वाले लोग अब जब खुद सरकार में हैं तो रोज ही दाम बढ़ाने लगे हैं. अब लोग इन लोगों को सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं. 

एक दिन सायकिल पर चलकर विरोध जताने वाले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से एक कार्यक्रम में जब पत्रकारों ने सवाल उछाला तो वह कोई जबाब नहीं दे सके और आगे बढ़ गए. देखिये वीडियो -

रेट बढ़ने के पीछे यह है बजह   
आईबीएन खबर के अनुसार खुदरा में बिक रहे पेट्रोल और डीजल के लिए जितनी रकम का आप भुगतान करते हैं, उसमें आप क्रमश: लगभग 55.5 फीसदी और लगभग 47.3 फीसदी टैक्स चुकाते हैं. ये सारे टैक्स केंद्र और राज्‍यों की जेब में जाते हैं. इसमें सबसे मुख्य उत्पाद शुल्क होता है. अप्रैल, 2014 में पेट्रोल पर लगने वाला उत्पाद शुल्क 9.8 प्रति लीटर था, जिसमें 2015-2016 में कई बार बढ़ोत्तरी होने के बाद अब यह लगभग 21.48 हो गया है. वहीं अप्रैल, 2014 में डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 3.65 प्रति लीटर लगती थी, जो अब लगभग 17.33 प्रति लीटर हो गई है. 

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