रेल्वे की जमीन से अतिक्रमण हटाने का मामला, अधिकारियों ने हाईकोर्ट के स्टे को फर्जी बताया



भोपाल. राजधानी के बरखेड़ी फाटक के पास रेल्वे की जमीन से अतिक्रमण हटाने पर हाईकोर्ट ने स्टे तो दे दिया, लेकिन रेल्वे के अधिकारी कोर्ट के स्टे को मानने को तैयार नहीं हैं उन्होंने इसे फर्जी बाताया है.  

विगत दिवस रेल्वे के अधिकारी पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंच गए, जिसको लेकर रहवासियों व रेल्वे के अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई. मामले की पैरवी कर रही एडव्होकेट सपना चौधरी ने जब रेल्वे के संपदा अधिकारी सुशील कुमार को कोर्ट के आदेश की कॉपी दिखाई तो उन्होंने आदेश को फर्जी बताते हुए कार्रवाई रोकने से इंकार कर दिया. यह बताते हुए मामले में एडव्होकेट सपना चौधरी ने डीआरएम शोभना चौधरी को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की है.

एडव्होकेट सपना चौधरी ने बताया कि बोगदा पुल के पास रेल्वे लाइन के किनारे मकान बने हुए हैं, रेल्वे ने 178 झुग्गियों को हटाने के  आदेश दिए थ. इस आदेश की आड़ में रेल्वे के अधिकारी अन्य आवासों को भी हटाने की कार्रवाई कर रहे हैं, जिसको लेकर वर्ष 2015 में लोगों ने जबलपुर हाईकोर्ट में 6 मई 2015 को याचिका दायर की थी. उन्होंने बताया कि कोर्ट में याचिका क्रं. 2Sch.7988883 9/2015 पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 29 जून 2015 को यह आदेश दिया है.

वहीं डीआरएम शोभना चौधरी ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में है. मैंने संबंधित विभाग के पास कार्रवाई के लिए भेज दिया है. इस मामले में न्यायालय के जो भी आदेश होगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी.


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