दुनिया में कुछ भी परमानेंट नहीं होता, कुर्सी खाली है, कोई भी बैठ सकता है, इस बार शिवराज ने खुद दिए संकेत


दिल्ली में अमित शाह से मिलकर लौटे शिवराज सिंह का बड़ा बयान



                                                                                                                                                                                                                                      
                                                                                                                   @ बलभद्र मिश्रा 

''कल अमित शाह भोपाल आ रहे हैं और इसके पूर्व कल दिल्ली में अमित शाह से मिलकर लौटे सीएम शिवराज ने आज बड़ा बयान दिया है. उन्होंने खुद के हटने के साफ़ संकेत खुद ही दे दिए हैं. नंदकुमार के बाद अब शिवराज सिंह की विदाई तय मानी जा रही है?'' 

मध्यप्रदेश के किसान के आंसू, युवाओं की बेरोजगारी, शासकीय अधिकारी/कर्मचारियों का दमन, बेटियों के सम्मान पर हो रहा कुठाराघात, व्यापारियों का उजड़ता व्यापार और आम जनता हो रही लगातार हलाकान से अब भाजपा का दिल्ली हाईकमान डर गया लगता है. प्रदेश में विधान सभा चुनाव के लिए कोई ख़ास समय नहीं बचा है, मध्यप्रदेश में पार्टी की हालत बेहद खस्ता बताई जा रही है. ऐसे में माना जा रहा है भाजपा किसी भी हालत में मध्यप्रदेश नहीं खोना चाहती, बजह साफ़ है कि यदि मध्यप्रदेश में चुके तो दिल्ली भी खतरे से खाली नहीं. 

जिस तरह से मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने कमलनाथ को उतार कर धमाका किया है, उससे भी भाजपा में घबराहट फैली है. शिवराज के बयान पर त्वरित प्रतिक्रिया में कमलनाथ ने तो उनका जाना तय ही कर दिया है. उन्होंने 'हताशा से भरे शिवराज के जाने को कांग्रेस की पहली जीत बताया है. 

एक बार फिर सीएम शिवराज सिंह चौहान की विदाई की चर्चाएं शुरू हो गईं हैं. 04 मई अमित शाह के भोपाल आने से पहले दिल्ली में शिवराज सिंह और अमित शाह के बीच दिल्ली में मुलाकात हुई. विभिन्न स्वतंत्र आॅनलाइन सर्वे, आरएसएस की रिपोर्ट और अमित शाह की प्राइवेट इंटेलीजेंस से आ रहीं सूचनाओं में शिवराज के प्रति जनता की नाराजगी प्रमाणित हुई है. शाह से मिलकर लौटे शिवराज सिंह ने खुद अपने विदाई के संकेत दे दिए हैं.

बुधवार को दिल्ली से लौटे शिवराज सिंह ने आनंद विभाग के एक कार्यक्रम में कहा 'मैं तो जाने वाला हूं, अब मेरी कुर्सी खाली है.' इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा 'इस दुनिया में कुछ भी परमानेंट नहीं है और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कोई भी बैठ सकता है.' इतना ही नहीं यह बयान देने के बाद शिवराज सिंह कार्यक्रम अधूरा छोड़कर चले गए. माना जा रहा है कि शिवराज सिंह ने खुद संकेत दे दिए हैं कि अब उनके जाने का समय आ गया है.

बता दें कि इन दिनों शिवराज सिंह काफी तनाव में चल रहे हैं. 2 दिनों में उन्होंने मंत्रियों की 2 मीटिंग बुलाईं. फिर मंत्रियों की मॉनीटरिंग के आदेश जारी किए गए. आज भी उन्होंने ट्वीट पर लिखा है कि 'कुछ नेता प्रदेश में सिर्फ़ चुनाव के समय दिखते हैं, बाक़ी समय अपने तुग़लकी महलों में बिताते हैं. उनको लगता है कि कॉमन मैन को क्या पता चलेगा. एक फ़िल्म में मैंने सुना था, 'नेवर अंडरेस्टिमेट द पावर ऑफ कॉमन मैन...' जनता को पता है कि कौन उनके साथ हमेशा रहा है, और हमेशा रहेगा.

यह संकेत उनकी सरकार के मंत्री और विधायकों के लिए हैं. शायद उन नेताओं के लिए, जिन्होंने शिवराज सिंह के खिलाफ अमित शाह के दरबार में लॉबिंग की है.




Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc