'सुषमा जी का क्षेत्र क्यों पिछड़ गया?', मोदी की बात विदिशा में बनी चर्चा का विषय, लोग ले रहे चटखारे




मंडला के रामनगर में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही नीति आयोग के मापदंडों पर पिछड़े मध्यप्रदेश के आठ जिलों के कलेक्टरों से सीधी बात की.  राजगढ़, गुना और विदिशा जिलों की चर्चा के दौरान मोदी ने तल्ख लहजे में कहा कि इन जिलों में राष्ट्रीय स्तर के नेता रहे. 

देश के पिछड़ने के पीछे मध्यप्रदेश जैसे राज्य भी एक कारण हैं, जानकर किसी को भी जो 'मेरा मध्यप्रदेश है', पर गर्व करता है, दुखी होना स्वाभाविक है. हाल ही नीति आयोग के मापदंडों पर खरा नहीं उतरने पर मंडला के रामनगर में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने प्रधानमंत्री मोदी ने इसके पीछे क्या बजह रही जानने के लिए कलेक्टरों से बात की. 

इस बात चीत में उन्होंने कलेक्टर विदिशा अनिल सुचारी से पूछा विदिशा से तो सुषमा जी सांसद हैं, फिर क्यों पिछड़ रहे हो? इस पर विदिशा जिले के कलेक्टर अनिल सुचारी कोई जवाब नहीं देकर चुप रहे. अब 'सुषमा जी का क्षेत्र क्यों पिछड़ गया?', प्रधानमंत्री मोदी की यह बात विदिशा में गली गली में चर्चा का विषय है. लोग चटखारे ले ले कर एक दुसरे को सुना रहे हैं. 

कलेक्टर से कहा 'नए लड़के हो, कुछ अच्छा काम करो' 
उल्लेखनीय है कि कलेक्टरों के प्रेजेंटेशन से पहले ही मोदी के पास सभी आठ जिलों का पूरा खाका था कि कौन जिला किस पैरामीटर पर पिछड़ा है? और क्यों यह स्थिति बनी? इन जिलों के कलेक्टर इससे पहले कहां पदस्थ रहे और वहां उनका परफॉर्मेंस क्या था? जब मोदी एक-एक बिंदू पर सवाल-जवाब कर रहे थे तो कलेक्टरों के पसीने छूट गए. खंडवा कलेक्टर अभिषेक सिंह से मोदी ने पूछा कि पिछड़ने की क्या वजह है? कलेक्टर ने कहा-सर, सर्वे करा रहे हैं. इस जवाब से नाराज मोदी ने कहा, तो फिर आपके लिए अलग से एक 'सर्वे आयोग' बनाना पड़ेगा. नए लड़के हो, कुछ अच्छा काम करो. इस तल्ख नसीहत के बाद अभिषेक सिंह ने जिलों में किए गए कुछ काम गिनाए. 

विधानसभा चुनाव में पार्टी की खराब स्थिति पर भी नजर 

मध्यप्रदेश में इसी वर्ष होने जा रहे विधानसभा चुनाव में पार्टी की खराब स्थिति पर भी मोदी जी का ध्यान था. उन्होंने सिंगरौली कलेक्टर अनुराग चौधरी से देश की प्रमुख समस्या स्वास्थ्य व शिक्षा पर बात की. उन्होंने कलेक्टर चौधरी से कहा 'कुछ ऐसा करिए कि छ: से आठ महीने में बदलाव नजर आए. बड़े काम तो होते रहेंगे, लेकिन स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरी नजर आनी चाहिए.'

एग्रीकल्चर के क्षेत्र में पिछड़ेपन के सवाल पर छतरपुर कलेक्टर रमेश भंडारी ने बताया कि सरफेस वाटर की कमी के कारण ऐसा हुआ है. अब हम नरेगा के जरिए कुओं को रिचार्ज कर रहे हैं.  




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