कांग्रेस कठिन दौर से गुजर रही है, नेतृत्व का निर्णय सिर-माथे होगा -सिंधिया




''संभावित मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बिना किसी हिचक ये माना कि कांग्रेस अपने कठिन दौर से गुजर रही है. उन्होंने कहा ऐसे में इस मुद्दे पर पार्टी का जो भी निर्णय होगा उनके लिए सर माथे होगा.''  

मध्य प्रदेश के गुना से कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का करीबी माना जाता है. राहुल के निर्देश में संसद में कांग्रेस की रणनीति को अंजाम देना हो या मध्य प्रदेश में कांग्रेस को दोबारा मजबूत करने की मुहिम, सिंधिया बढ़-चढ़ कर आगे दिखाई देते हैं. सिंधिया के मुताबिक नरेंद्र मोदी के विकल्प के तौर राहुल गांधी तैयार हो चुके हैं और देश की जनता का विश्वास जीतने में वे पूरी तरह सफल होंगे. हालांकि, मध्य प्रदेश में कांग्रेस की ओर से उन्हें खुद मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पेश किए जाने की संभावना को लेकर सिंधिया कहते हैं कि पार्टी नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, एक कार्यकर्ता के नाते वो उनके सिर-माथे होगा. सिंधिया ने बिना किसी हिचक ये माना कि कांग्रेस अपने कठिन दौर से गुजर रही है. वंशवाद के सवाल पर सिंधिया खुद ही सवाल करते हैं कि कौन सी पार्टी में वंशवाद नहीं है.
इस सवाल के जवाब में कि 2018 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव उनके लिए ज्यादा अहम हैं या 2019 के आम चुनाव,  ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, "मैं मानता हूं एक जनसेवक और राजनेता होने के नाते आप के लिए हर चुनाव महत्वपूर्ण होना चाहिए. मेरे लिए चाहे लोकसभा चुनाव हो या मेरे प्रदेश में कहीं उपचुनाव हो, चाहे पार्टी मुझे जहां भी भेजती हो प्रचार के लिए, हर चुनाव महत्व रखता है."
जब सिंधिया से पूछा गया कि वो कौन से चार मुद्दे होंगे जो 2019 में केंद्र सरकार की चार्जशीट बन सकते हैं? तो उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार की चार्जशीट सिर्फ चार मुद्दों पर नहीं, बल्कि अनेकों मुद्दों पर बनेगी. चाहे आंतरिक सुरक्षा का मामला हो या देश के अंदर का वातावरण हो, चाहे विदेश नीति की बात हो या डोकलाम हो, पाकिस्तान की बात हो या फिर मालदीव की, बेरोजगारी की बात हो या महिला सुरक्षा की, या फिर डाटा लीक और पेपर लीक हो, इन सबका जबाव देना होगा."
क्या 2018 के चुनाव ही 2019 के चुनावों की दिशा तय करेंगे? इस पर उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में सब से महत्वपूर्ण पड़ाव वर्तमान में कर्नाटक के चुनाव हैं और उसके बाद चार राज्यों के चुनाव.’यह बातें उन्होंने एक न्यूज़ चैनल से बातचीत  में कहीं हैं. .



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