बिना अनुमति रैली/प्रदर्शन में शामिल ना हो शासकीय कर्मचारी, सरकार सख्त


''अब तकजो भी हुआ, 2 तो निकल गई, अब सामने 10 है. सरकार कोई मुसीबत नहीं लेना चाहती, सो पूरे इंतजाम की तैयारी है. सभी कलेक्टर्स को निर्देश दे दिए गए हैं कि पूरी सख्ती से निपटें.''


इसी के तहत होशंगाबाद में आज कलेक्ट्रेट के रेवा सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में कलेक्टर अविनाश लवानिया ने साग साफ़ शब्दों में कहा कि कोई भी शासकीय कर्मचारी बिना अनुमति प्राप्त किए किसी भी प्रदर्शन अथवा रैली में भाग ना लें. यदि ऐसा किया गया तो उस दिन कर्तव्य से अनुपस्थित मान कर कार्यवाही की जाएगी. 

उन्होंने कहा कि सभी शासकीय कर्मचारी किसी भी जाति, समुदाय अथवा धर्म का हिस्सा होने से पहले लोक सेवक हैं एवं हमारा पहला कर्तव्य प्रशासकीय दायित्वों को पूर्ण करना हैं. सभी शासकीय कर्मचारियों का कर्तव्य है कि वे जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपना सहयोग प्रदान करें तथा सभी लोगों को आपसी सौहार्द बनाए रखने की समझाइश दें. 

उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी अपने संगठनों में सौहार्द बैठक आयोजित कर यह सुनिश्चित करें कि संगठनों में एकता बनी रहे एवं किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव ना हो. सभी जिलाधिकारी अपने स्तर पर परामर्शदात्री समिति की बैठक लेकर कर्मचारियों की समस्यां सुलझाना सुनिश्चित करें. बैठक में अपर कलेक्टर मनोज सरियाम, संयुक्त कलेक्टर आदित्य रिछारिया, डिप्टी कलेक्टर अभिषेक गहलोत सहित विभिन्न जिलाधिकारीगण तथा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे. 

इसी प्रकार समस्त जिलों में प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है. मुख्यालयों पर रहने और किसी प्रकार से अवकाश पर नहीं जाने के निर्देश दिए गए हैं. 

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