अब ताप्ती से उठी मांग, जुड़े व्यक्तियों को बनाया जाए राज्य मंत्री, दिया धरना, कहा 'कोई RTI नहीं लगाएगें तथा ताप्ती घोटाला यात्रा नहीं निकालेगें'



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''सांकेतिक धरना देने वाले कार्यक्रम के संयोजक रामकिशोर दयाराम पंवार रोंढावाला ने बताया कि धरने में बैठे व्यक्तियों की ओर से यह प्रदेश सरकार के मुखिया शिवराज सिंह को आश्वश्त किया गया है कि यदि उन्हे राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया जाता है तो वे ताप्ती नदी के किनारे बने बैराजो, वृक्षारोपणो, जलाशयों एवं ताप्ती की उपेक्षा को लेकर कोई आरटीआई नहीं लगाएगें तथा ताप्ती घोटाला यात्रा नहीं निकालेगें।''
                                                                       @ बैतूल से रामकिशोर पंवार 
 
बैतूल. जैसे ही भाजपा की मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश की दो प्रमुख पुण्य सलिला माँ नर्मदा एवं ताप्ती में से सिर्फ नर्मदा से जुड़े पांच संतो को राज्यमंत्री बनाया प्रदेश सरकार के मुखिया शिवराज सिंह के खिलाफ बैतूल जिले से माँ पुण्य सलिला सूर्यपुत्री ताप्ती से जुड़े लोगो ने जिला मुख्यालय पर अपनी मांग के समर्थन में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दे दिया। 
आज गुरूवार 5 अप्रेल को जिला कलैक्टर कार्यालय के समीपस्थ धरना एवं प्रदर्शन के लिए चर्चित बैतूल जिले के जंतर - मंतर कहे जाने वाले स्थल पर माँ सूर्यपुत्री ताप्ती जागृति समिति मध्यप्रदेश के अध्यक्ष रामकिशोर पंवार के नेतृत्व में माँ ताप्ती के पांच भक्तो धरने पर बैठ गए। धरना स्थल से मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नर्मदा को लेकर पांच संतो को मंत्री बनाए जाने पर ताप्ती से पांच लोगो को मंत्री बनाए जाने सहित ताप्ती विकास प्राधिकरण/ताप्ती - पूर्णा समग्र अभिकरण/ताप्ती-पूर्णा घाटी परियोजना/ताप्ती मंत्रालय बनाए जाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति /प्रधानमंत्री /मुख्यमंत्री/भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमीत शाह एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार चौहान के नाम ज्ञापन प्रेेषित किया गया। ज्ञापन एक प्रति बैतूल से सांसद श्रीमति ज्योति धुर्वे, विधायक एवं प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल , जितेन्द्र कपूर जिलाध्यक्ष भाजपा बैतूल को भी ज्ञापन की प्रति भेजी गई। 
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा हमारे द्वारा बरसो से की जा रही मांगो को नजर अंदाज कर जिले की ही नहीं मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-गुजरात की जीवन रेखा पुण्य सलिला माँ ताप्ती के संग भेदभाव किया जा रहा है। प्रदेश एवं केन्द्र सरकार जिस अनुपात में नर्मदा एवं गंगा पर पैसा खर्च कर रही है तथा उनको लेकर विकास प्राधिकरण/अभिकरण/परियोजना/मंत्रालय बनाने के साथ-साथ उससे जुड़े व्यक्तियों को राज्य मंत्री/केबिनेट मंत्री यहां तक की ताप्ती के नाम पर गठिम कोई आयोग तक का अध्यक्ष नही बना रही है। 
वही दुसरी ओर प्रदेश एवं केन्द्र सरकार में नर्मदा एवं गंगा से जुड़े दो दर्जन से अधिक व्यक्तियों एवं अब तो पांच संतो तक को मंत्री का दर्जा प्रदान करके ताप्ती की घोर उपेक्षा कर उसका तिस्कार एवं अपमान कर रही है। हमारी आपसे मांग है कि जिस तरह मध्यप्रदेश की भाजपा शासित राज्य सरकार द्वारा माँ नर्मदा से तथाकथित जुड़े पांच संतो को राज्यमंत्री का दर्जा देकर उन्हे उपकृत किया है ठीक उसी अनुपात में पुण्य सलिला माँ ताप्ती से जुड़े किसी भी संत या व्यक्ति या माँ ताप्ती के भक्तो को राज्यमंत्री का दर्जा ससम्मान प्रदान किया जाये। 
बैतूल जिले में सबसे अधिक ताप्ती नदी लगभग 250 किमी बहती है। ऐसे में सबसे अधिक जल का संग्रहण जिले से होता है और जिले के पानी का समुचित उपयोग जिले के लोगो को मिले इसे लिए आवश्क्य है कि जिले की मूल भावना ताप्ती विकास प्राधिकरण/ताप्ती-पूर्णा समग्र अभिकरण/ताप्ती-पूर्णा घाटी विकास मंत्रालय का गठन कर बैतूल जिले को प्रतिनिधित्व दिया जाए। 
जिले के लोगो की मनभावनाओं के लिए कि जिले के लोगो को और ताप्ती से सतत् जुड़े व्यक्ति को राज्य सरकार नर्मदा की तरह मंत्रालय/प्राधिकरण/अभिकरण से जोड़ कर नर्मदा की तरह यहां के पांच व्यक्तियों न सही कम से कम से दो या तीन व्यक्ति को राज्य मंत्री/केबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान किया जाए । 
सांकेतिक धरना देने वाले कार्यक्रम के संयोजक रामकिशोर दयाराम पंवार रोंढावाला ने बताया कि धरने में बैठे व्यक्तियों की ओर से यह प्रदेश सरकार के मुखिया शिवराज सिंह को आश्वश्त किया गया है कि यदि उन्हे राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया जाता है तो वे ताप्ती नदी के किनारे बने बैराजो, वृक्षारोपणो, जलाशयों एवं ताप्ती की उपेक्षा को लेकर कोई आरटीआई नहीं लगाएगें तथा ताप्ती घोटाला यात्रा नहीं निकालेगें।


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