सौदागर निकले बाबा, मंत्री पद मिलते ही बदल गए सुर, अब नहीं करेंगे घोटाला उजागर





''सरकार खुद खुले आम रिश्वत का लेनदेन कर रही है. हाल में सरकार द्वारा कथित 5 संतों को मंत्री पद से नवाजे जाने को लेकर यही कहा जा रहा है. ... और मंत्री पद मिलते ही बाबाओं के सुर बदल गए हैं. वे अब घोटाले की बात नहीं करेंगे, अब जन जाग्रति की बात करेंगे.
''जनता बजाओ ताली ''

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"कम्प्यूटर बाबा" जैसे नाम से मशहूर बाबा सहित 5 संतों को सरकार ने राज्य मंत्री का दर्जा दिया है. यह कथित संत सरकार की नर्मदा यात्रा और उसमें 6 करोड़ 67 लाख पौधे लगाए जाने को महा घोटाला बताते हुए हाल ही ''नर्मदा घोटाला रथ यात्रा'' निकालने का एलान किये थे. अब जब इन्हें मंत्री पद से नवाज दिया गया है, इससे यह तय हो गया है कि अब यह यात्रा तो निकलेगी ही नहीं.  

बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा जो मिल गया है. अब बाबा ने घोटालों से मुंह फेर लिया. और अब कह रहे हैं हम घाटों पर जनजागरण करेंगे. कथित संत योगेन्द्र महंत का कहना है कि ''हम घोटाले की बात नहीं करेंगे हम जन जाग्रति करेंगे.''

सरकार ने कम्प्यूटर बाबा, योगेन्द्र महंत, कथा वाचक भय्यू महाराज, नर्मदानंदजी और हरिहरानन्दजी को राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया है. अब इन्हें 7500 मासिक वेतन, गाडी और डीजल 15000 मासिक मकान किराया, 3000 मासिक सत्कार भत्ता सहित स्टाफ और अपना पीए मिलेगा. 
सत्ता के सत्तू का भोग मिल गया..ये हैं राज्यमंत्री योगेंद्र महंत,"पहले मामा के भावान्तर को कोसते थे, अब मामा संग राग दरबार में बैठेंगें...

भोपाल के तेज युवा तेज तर्रार पत्रकार अनुराग उपाध्याय ने इन संतों को सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में इन्हें इस तरह परिभाषित किया है-

''कव्वे सब सन्त हो गए, मदारी महंत हो गए
तुम करते रहे अनसुनी, दुख हमारे अनन्त हो गए''

युवा पत्रकार रोशन नेमा का कहना है कि अब ये हैं राग दरबार सदस्य, इन्हें पहले मां नर्मदा मैली दिखती थी, अब गर्मी में "सावन का चश्मा" लगाकर सब हरा हरा देखेंगे. और करेंगे अपनी "आत्मा" का शुद्धिकरण..

''जनता बजाओ ताली ''






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