नर्मदा घोटाले का बड़ा प्रमाण, छोटी सी फर्जी पर्ची पर हुआ लाखों का भुगतान


''बाबाओं ने सरकार को धमकी और “नर्मदा घोटाला रथ यात्रा” निकालने का ऐलान किया तो सरकार ने डरकर ऐलान करने वाले बाबाओं की ताजपोशी राज्यमंत्री का दर्जा देकर कर दी. राजनैतिक गलियारों में पूरा मामला खूब धूम मचाये हुए है. पूरे पेड़ पौधों का ऐसे ही बिलों पर भुगतान भी हुआ है. सम्बंधित अधिकारी स्वीकार किये हैं कि अगर हम भुगतान नहीं करते तो नौकरी चली जाती. ऊपर से बहुत प्रेशर आ रहा था.''



मध्यप्रदेश सरकार ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लालच में, नर्मदा किनारे के 24 जिलों में एक ही दिन में, अनाप-शनाप और ताबड़तोड़, 6.67 करोड़ पौधे लगाने का काम किया था. अब सरकार के इस दावे की हवा निकल रही है. बाबाओं ने सरकार को धमकी और “नर्मदा घोटाला रथ यात्रा” निकालने का ऐलान किया तो सरकार ने डरकर ऐलान करने वाले बाबाओं की ताजपोशी राज्यमंत्री का दर्जा देकर कर दी. 

ताजपोशी होते ही बाबाओं के सुर भी बदल गये. इस से जहां एक तरफ बाबाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्र चिन्ह लगा है, वहीं सरकार के इस निर्णय को किये गये घोटाले की स्वाकारोक्ति के रूप में देखा जा रहा है. इसी के साथ घोटाला हुआ, के प्रमाण मिलने शुरू हो गए हैं. 

कहते हैं फील्ड में रोपे गये पौधों की स्थिति और अभिलेख दुरुस्त नहीं होने से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाणपत्र भी खटाई में पड़ सकता है. राजनैतिक गलियारों में पूरा मामला खूब धूम मचाये हुए है. पूरे पेड़ पौधों का ऐसे ही बिलों पर भुगतान भी हुआ है. बेबसाईट लोकवार्ता न्यूज़ के अनुसार जब सीओ राजेंद्र यादव से चर्चा की गई तो उन्होंने आफ रिकार्ड स्वीकार किया कि अगर हम भुगतान नहीं करते तो नौकरी चली जाती. ऊपर से बहुत प्रेशर आ रहा था.

@ पूर्णेंदू शुक्ला/आर.के. दीक्षित 


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