अप्रेजल के नाम पर शोषण करने वाले अधिकारी जेल भेजे जायेंगे, संविदा नीति खत्म होगी - मुख्यमंत्री, काम पर लौटे संविदा स्वास्थ्य कर्मी





सीहोर. 19 फरवरी से अनवरत जारी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हडताल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आश्वासन के उपरांत जिले के 500 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने 42 दिन के पश्चात आज हडताल स्थगित कर दी है तथा सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मी काम पर लौट आए हैं. 

मुख्यमंत्री निवास में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की राज्य कोर कमेटी तथा प्रदेश कार्यकारिणी से प्रदेश अध्यक्ष सौरभ सिंह चौहान तथा राज्य संयोजक राहुल जैन से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विभाग द्वारा ली जा रही अप्रेजल प्रक्रिया को गलत करार दिया तथा कहा कि अप्रेजल के माध्यम से सेवा वृद्धि के नाम पर संविदा कर्मचारियों विशेषकर बहनों का आर्थिक मानसिक एवं शारीरिक शोषण किया जाता है तो ऐसे अधिकारियों को जेल भिजवा दिया जाएगा. 

संघ के प्रदेेश अध्यक्ष सौरभ सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के समक्ष संविदा कर्मचारियों को नियमित-संविलिनियन किए जाने अप्रेजल प्रक्रिया की समाप्ति, निस्कासित संविदा कर्मचारियों की वापसी, सपोर्ट स्टाफ की रोगी कल्याण समिति से राष्टीय स्वास्थ्य मिशन में वापसी सहित कई मुददों के  संबंध में विस्तार से चर्चा की. मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंण्डल को आश्वास्त किया किया कि वे प्रदेश से संविदा के अभिशाप को समाप्त करेंगे. उन्होंने अप्रेल माह में संविदा की महापंचायत बुलाकर संविदा व्यवस्था को समाप्त करने का भी वादा संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के राज्य स्तरीय  प्रतिनिधि मंण्डल से किया. मुख्यमंत्री से मुलाकात और ठोस आश्वासन के उपरांत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भी अपना आंदोलन स्थगीत कर दिया है. 


मध्यप्रदेश संविदा स्वास्थ्य संघ के राज्य कोर कमेटी सदस्य शैलेश शैल ने बताया कि नियमितिकरण और संविलियन को लेकर संविदा कर्मी विगत 19 फरवरी से अनिश्चित कालीन हडताल पर थे. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल की मुख्यमंत्री निवास में मांगों को लेकर करीब आधा घंटा विस्तार से बातचीत हुई. मुख्यमंत्री ने संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की सभी  मांगों को पूरी गंभीरता और विस्तार से सुना. इस दौरान उन्होंने कहा कि वे इसी माह संविदा की महापंचायत बुलाने वाले है, जिसमें संविदा स्वास्थ्य के सभी कर्मचारियों का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा. मुख्यमंत्री ने  कहा कि किसी भी संविदा कर्मी को निराश नहीं होने दुंगा और पूरे प्रदेश से संविदा जैसे अभिशाप को समाप्त करने का एलान उन्होंने कर दिया है. 

प्रदेश अध्यक्ष सौरभ सिंह चौहान एवं प्रदेश संयोजक श्री राहुल जैन ने मुख्यमंत्री के समक्ष अप्रेजल के नाम पर पद समाप्ति और महिलाओं का शारीरिक,आर्थिक और मानसिक शोषण की बात भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी और पिछले सालों में प्रकाशित समाचार पत्रों की कतरन को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जिस पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए अपे्रजल प्रक्रिया के नाम पर हो रहे शोषण को कडाई से रोकने की बात कहीं तथा ऐसा करने वाले अफसरों पर कार्यवाही किए जाने तथा उन्हें जेल भेजने की बात कही. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदा स्वास्थ्य की दुविधा के संबंध जितने भी बिंदू है उनका निराकरण शीघ्र ही कर लिया जाएगा. इस दौरान अप्रेजल के नाम पर पद समाप्ति,निस्कासित संविदा कर्मियों की वापसी,स्पोर्ट स्टाफ को एनएचएम  में वापस किए जाने की मांग भी मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाई गई जिस पर जल्द ही ठोस कार्यवाही किए जाने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को दिया है. 

मुख्यमंत्री से मुलाकात के उपरांत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने विगत 42 दिनों से संचालित अपनी हडताल का स्थगन करते हुए 2 अप्रेल को  अपनी ज्वायनिंग मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के समक्ष दे दी हैं ,तथा सभी आज से काम पर लौट गए है. सीहोर जिले के सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने आज बाल विहार मैदान पर इकठा होकर मुख्यमंत्री का आभार माना तथा मांगों को शीघ्र पूरा करने की उम्मीद जताई. आज सभी ने  अपनी ज्वायनिंग मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के समक्ष दी है और सभी काम पर लौट गए है. 

आज बाल विहार मैदान पर राज्य कोर कमेटी सदस्य शैलेश शैल, धीरेन्द्र आर्य,श्री रमाकांत द्विवेदी,जिला अध्यक्ष तरूण राठौर, निलेश गर्ग, रेणुका शिवहरे, रजनी सागर, डॉ मरीयम हुसैन, डॉ अम्रता गुप्ता, डॉ अजहर बैग, डॉ अजय अवस्थी, डॉ बेन,रमेश शर्मा, प्रमोद परमार, नरेन्द्र केलोदिया, मनीष दुबे, नीतू शर्मा, महाराज सिंह इत्यादि अन्य संविदा कर्मियों ने संबोधित किया. जानकारी तरूण राठौर जिला अध्यक्ष संविदा स्वास्थ्य संघ सीहोर ने दी. 




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