मुम्बई झुग्गी बस्ती परिदृश्य पर बनी 'बियॉन्ड द क्लॉउड' विदेश के बाद अब देश में गाड़ेगी झंडा

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'बियॉन्ड द क्लॉउड'  2009 में एक फ़िल्म आई थी 'स्लम डॉग मिलेनियर'
जिसे आस्कर से नवाजा गया था, जिसमें 2 आस्कर भारतीय को  ए आर रहमान, संगीत के लिए, गुलज़ार साहब को गाने लिखने के लिए मिला था. निर्देशक डैनी बाउल को भी अवार्ड से नवाजा गया था. 

आस्कर अवार्ड को विश्व में बड़ी प्रतिष्ठित नज़रों से देखा जाता है और फ़िल्म के क्षेत्र में यह सम्मान निसन्देह बड़ा है. तो साहब विदेशी निर्माता निर्देशक भारत आए. यहां से लोहा लंगड़ उठाया और फ़िल्म के रूप में एक सुवा बना कर अवार्ड बटोरे. सुवा यानि सुई से बड़े आकार का हमें दे दिया कि तुम्हारे लोहा लंगड़ से हमने सुई बना ली. अब यह आप रख लीजिए और खुद को चुभोते रहिये. संसाधन हमारे ओर अवार्ड किसी और का? 

बस इसी तर्ज पर ईरानी लेखक निर्देशक माजिद मजीदी  भी काम कर गए हैं, लेकिन माजिद की रचनाधर्मिता का कायल हूँ. सन 2003 के आसपास प्रगतिशील लेखक संघ में 'चिल्ड्रन्स ऑफ हैवन' दिखाई गई थी. माजिद की काम की संजीदगी का अंदाज़ा लगाना मुश्किल है. 
जिस राष्ट्र में मुस्लिम कट्टरपंथी चरम पर हो, वहां वह फ़िल्म निर्माण कर के आस्कर की दौड़ में शामिल हो जाए. इस फ़िल्म जगत में यह काबिले गौर के साथ काबिले एहतराम भी है. 

माजिद पर शुरू हुये तो रुकना मुश्किल होगा तो हम फ़िल्म पर आ जाते हैं- 'बियॉन्ड द क्लॉउड' कहानी, निर्देशन माजिद मजीदी का है. 'लाइफ हो तो ऐसी' फिल्म में बाल अभिनेता के तौर से शुरूआत करने वाले अदाकार ईशान खट्टर, शाहिद कपूर के भाई, नीलिमा आज़मी के दुसरे पति के पुत्र हैं, मालविका माहनन, जिनसे 2013 में मलयालम फ़िल्म से शुरूआत की, अभिनय कई सीरियल किये, कन्नड़ फ़िल्म की अब इस फ़िल्म में दिखेंगी. 

फ़िल्म मुम्बई झुग्गी बस्ती परिदृश्य पर है. दो भाई बहन की कहानी है. जो कि झुग्गी बस्ती में रहते हैं. भाई ड्रग्स के लफड़े में पड़ जाता है. बहन को जेल जाना पड़ता है. फिर शुरू होता है जेल यानि नरक का नमूना, फिर ज़िंदगी का एक एक पल किस परेशानी में गुज़रता है, फ़िल्म आपको महसूस करवॉ देगी. 

माजिद की निर्देशन शैली शानदार होकर यथार्थवादी है, जिसमें आप खुद को फ़िल्म से जोड़ लेते हैं. संगीत रहमान ने सम्भाला है. गाना 'आला रे आला' सुनते वक्त पैरों में थिरकन ओर गर्दन में खुद ब खुद लरज आने लगेगी. एक और गाना 'ए छोटे मोटर चला, चौथा वाला गियर लगा' भी बढ़िया बना है. 

वैसे माजिद की फिल्मो में गाने होते नहीं, लेकिन फ़िल्म भारतीय परिपेक्ष में बन रही है तो गाने होना लाजमी हैं. फ़िल्म विदेशों में पिछले साल प्रदर्शित हो चुकी है, अब 20 अप्रेल को भारत में प्रदर्शित होने जा रही है. 

@ इदरीस खत्री  

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