नर्मदा किनारे 6 करोड़ पौधे कहीं नजर नहीं आये-कमलनाथ





''हेलीकाप्टर से बरमान आते वक्त पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ ने सरकार द्वारा कराये गये पौधरोपण का जायजा लिया तो उन्हें नर्मदा तट के आसपास रोपे गये 6 करोड़ पौधे कहीं नजर ही नहीं आये..''

नर्मदा किनारे नेताओं और संतों का समागम 

धर्म से जीवन अनुशासित रहता है, 
यह संसार को आपस में जोड़ता है -स्वरूपानंद सरस्वती

नरसिंहपुर. सोमवार को बरमान में नर्मदा के रेताघाट पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की पैदल नर्मदा परिक्रमा यात्रा का समापन हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों से आये नेतागण शामिल हुए। जगतगुरू शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती महाराज व गृहस्थ संत देव प्रभाकर शास्त्री सहित अन्य संत भी उपस्थिति रही।

खाली झोली लेकर जाता और भरी लेकर लौटता   
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 वर्ष पूर्व लिया गया संकल्प पूर्ण हो गया। नर्मदा परिक्रमा के महत्व को समझने के बाद शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द जी से आर्शीवाद लेकर नर्मदा परिक्रमा प्रारंभ की थी। यात्रा का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि नर्मदा परिक्रमा में व्यक्ति खाली झोली लेकर जाता है और भरी झोली लेकर लौटता है।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा जैसी तपस्या साधारण मनुष्य नहीं कर सकता। सरकार द्वारा कराये गये पौधरोपण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से बरमान आते वक्त नर्मदा तट के आसपास रोपे गये 6 करोड़ पौधे उन्हें कहीं नजर ही नहीं आये।

नर्मदा परिक्रमा के समापन कार्यक्रम में शामिल होने आये राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा कठिन है। परिक्रमा पूर्ण होने के बाद दिग्विजय जी में नई ऊर्जा देखने मिलेगी। पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने कहा कि नर्मदा लोगों की आस्था की केन्द्र है, इनकी परिक्रमा से मनोकामना पूर्ण होती है तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि विगत कुछ वर्षों से नर्मदा की दुर्दशा की जा रही है हम नर्मदा को स्वच्छ और निर्मल बनाने का संकल्प लें। कार्यक्रम को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मप्र दीपक बावरिया एवं सहप्रभारी संजय कपूर, कांतिलाल भूरिया, महिला नेत्री मीनाक्षी नटराजन, रवीन्द्र चौबे ने भी संबोधित किया। नर्मदा पथिक रामेश्वर नीखरा एवं दिग्विजय सिंह की धर्मपत्नी अमृता सिंह ने नर्मदा परिक्रमा से जुड़े प्रेरणादायक संस्करण सुनाये। फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने स्वागत भाषण दिया।

द्विपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि धर्म से जीवन अनुशासित रहता है, यह संसार को आपस में जोड़ता है। नर्मदा परिक्रमा के महत्व पर उन्होंने विस्तार से प्रकाश डाला। अवैध उत्खनन और नर्मदा-गंगा पर बनाए जा रहे बांधों उन्होंने चिंता व्यक्त की। इस मौके पर गृहस्थ संत पं. देव प्रभाकर शास्त्री ने सभी नर्मदा पथिकों को आशीर्वाद दिया।

इस मौके पर विधि विधान से पूजा अर्चना के उपरांत मंचीय कार्यक्रम एवं भण्डारे का आयोजन हुआ। विद्वान आचार्यो ने पूजा अर्चना सम्पन्न करायी और तत्पश्चात भण्डारा प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में दमोह सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता प्रहलाद पटेल, राज्यमंत्री जालम सिंह, तेंदूखेड़ा विधायक संजय शर्मा भी शामिल हुए।




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