TDS घोटाला : 441 निजी कम्पनियां सामने आई, सरकारी विभाग भी पीछे नहीं



''निजी कम्पनियों की छोडो सरकारी विभाग खुद भी कर्मचारियों का टीडीएस काट तो रहे हैं, लेकिन सम्बंधित विभाग आयकर तक नहीं पहुंचा रहे. और यह एक वर्ष का नहीं, लम्बे समय से चला आ रहा है.''

3200 करोड़ का इनकम टैक्स (टीडीएस) घोटाला सामने आया है. आयकर विभाग के सूत्रों  के मुताबिक इस मामले में 447 कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की सैलरी से टैक्स की रकम तो काटी, लेकिन उसे आयकर विभाग में जमा करने की बजाए अपने कारोबार को बढ़ाने में लगा दिया. मामला वर्ष 2017-2018 का है. इसमें आरोपी 441 निजी कम्पनियां सामने आई हैं. 

आयकर विभाग के सूत्रों ने इसे घोटाला कहने से इनकार किया है. विभाग की मानें तो ये सिर्फ वेरिफिकेशन सर्वे का विवरण है, जो अप्रैल 2017 से मार्च 2018 के बीच किया गया. इस तरह का सर्वे हर साल किया जाता है. ये वैसा ही मामला है, जिसमें कर्मी सैलरी से TDS तो घटा लेते हैं, लेकिन वक्त पर टैक्स जमा नहीं करते. इस प्रकार  आयकर विभाग की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता.

मजेदार बात यह भी है कि सरकारी विभाग खुद भी कर्मचारियों का टीडीएस काट तो रहे हैं, लेकिन सम्बंधित विभाग आयकर तक नहीं पहुंचा रहे. और यह एक वर्ष का नहीं, लम्बे समय से चला आ रहा है. इस प्रकार की शिकायतें आयकर विभाग के पास पेंडिंग हैं. 


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