चना, मसूर और सरसों भावान्तर से बाहर, लहसुन-प्याज खरीदेगी सरकार


भोपाल। सरकार ने अपने ही फैसले में बदलाव करते हुए अब चना, मसूर और सरसों को भावान्तर योजना से बाहर कर दिया है. पूर्व में भावान्तर भुगतान योजना के तहत खरीदी करने का फैसला किया गया था, और इसके लिए किसानों ने पंजीयन भी करा लिए हैं. अब सरकार केवल किसानों की लहसुन और प्याज की फसलों को भावान्तर भुगतान योजना में खरीदेगी. इसके लिए पंजीयन 31 मार्च तक कराये जा सकेंगे. 

चना, मसूर और सरसों को भावान्तर योजना से बाहर करने की वजह में आर्थिक बताई जा रही है. पहले से पंजीकृत कराए जा चुके मसूर, चना और सरसों को इस बार समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा. आज राज्य मंत्रालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ये घोषणा की है. कैबिनेट की बैठक के बाद उन्होंने ये फैसला लिया है.

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि किसानों को उचित मूल्य देने के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्पित है. इस बार सूखे के हालात होने के बावजूद फसलों का बंपर उत्पादन हुआ है. सरकार ने सिंचाई के लिए जो नीति बनाई है और व्यवस्थाएं की हैं, उनका लाभ मिलना शुरु हो गया है. उन्होंने बताया कि भारत सरकार मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए इसे देश के लिए लागू करने पर विचार कर रही है. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस पर विचार करने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स का गठन किया है. यह ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स भावांतर भुगतान योजना पर चर्चा कर इसे पूरे देश के लिए लागू करने का निर्णय लेगा.


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