अवैध रेत खनन पर स्टिंग करना भारी पड़ा, सच उजागर करने के दुस्साहस की ह्त्या




''भिंड में ही नहीं पूरे प्रदेश की यही हालत है, जहां रेत माफिया एवं अधिकारियों की मिलीभगत सामने आती रहती है. इस प्रकार की ख़बरें प्रकाशित होती हैं तो यह गठबंधन पत्रकारों का दमन करने लगता है. सच लिखना पत्रकारों के लिए एक जुर्म जैसा बन गया है. हाल में भिंड के एक युवा पत्रकार संदीप शर्मा को चम्बल से होने वाले अवैध रेत खनन पर स्टिंग करना भारी पड़ गया. उन्हें सिटी कोतवाली के सामने ट्रक ने कुचल डाला. ''
                                                                                                         @ कपिल शर्मा 

संदीप के परिवार वालों ने सीधे तौर पर इसे सड़क दुर्घटना न मानकर हत्या बताया है. स्टिंग के बाद से ही संदीप को भी हत्या की आशंका थी. वह अपनी जान की रक्षा की गुहार देश के पीएम से लेकर, मध्यप्रदेश के सीएम और स्थानीय प्रशासन से भी बार बार कर रहा था. संदीप एक स्थानीय टीवी न्यूज चैनल के लिए काम करते थे. चम्बल में रेत माफिया किस कदर बुलन्द हैं, यह किसी से छुपा नहीं है. संदीप ने पत्रकारिता धर्म निभाया. बदले में उसे क्या मिला? 

और ऐसे में जब पत्रकार संदीप शर्मा को ट्रक द्वारा कुचले जाने का वीडियो सामने आ गया है. और उसमें साफ़ साफ़ दिख रहा है कि ये हादसा नहीं, हत्या है. हत्या है सच लिखने और सच को उजागर करने का दुस्साहस करने की. तब पुलिस ने SIT गठित की है. पुलिस कैसे जांच करती है, कैसे जांच के परिणाम तय करती है, वह सबको मालूम है. वीडियो सामने है. सीधे हत्या का मामला दर्ज होना था, जो नहीं हो रहा. ऐसे में कैसे मान लिया जाए कि न्याय होगा? कहा जा सकता है लीपा-पोती की जा रही है.  
देखें वीडियो -





Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc