बजट पर आपकी प्रतिक्रिया : टैक्स लगाओ पर विजय माल्या के लोन का ब्याज और क़िस्त हमसे न वसूलो



सरकार हम पर टैक्स पर टैक्स लगाए, कोई प्रॉब्लम नहीं, बशर्ते सरकारी हॉस्पिटल हमारे इलाज़ लायक हों. सरकारी स्कूल्स का स्तर हमारे बच्चों के लायक हो. सड़कों पर हर 80-90 किमी पर टोल टैक्स न हो. खून पसीने की बचत से बनाई गई FD( इस आय पर टैक्स दे चुके हैं ) के ब्याज पर टैक्स न हो.  वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा हो, पानी बिजली के बिल उचित हो, बैंक लोन लेने पर विजय माल्या के लोन का ब्याज और क़िस्त हमसे ज्यादा वसूली कर न लिया जाए. 

JNU में पढ़ रहे कन्हैया जैसे बुड्ढे छात्रों का वजीफा टैक्स के रूप में हमें न
देना पड़े. सरकार सफाई से लेकर कर सुधारों तक के माध्यम से नागरिकों को सुधारने के साथ साथ अपनी भ्रष्ट मशीनरी को भी सख्ती से सुधारे.। अभी सरकारी मशीनरी का मूल मंत्र है 'हम नहीं सुधरेंगे'. 

                          @ वेद माथुर

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