रिश्वतखोरी की पराकाष्ठा, अपर कलेक्टर अमिताभ रिश्वत लेते पकड़े गए




मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में लोकायुक्त पुलिस ने आज बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अपर कलेक्टर अमिताभ सिरवैया को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. सिरवैया वर्तमान में जिला पंचायत सीईओ बुरहानपुर पदस्थ थे. सिरवैया ने सरपंच से धारा 40 के केस में बरी करने के एवज में रिश्वत मांगी थी. फरियादी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस को कर दी, जिसके बाद आज बुधवार को सीईओ को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया. इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने उनसे कक्ष के अंदर ही पूछताछ की.




जिला पंचायत सीईओ द्वारा रिश्वत लेने का यह बड़ा मामला है. जानकारी के मुताबिक जैसे ही फरियादी ने सीईओ को पैसे दिए, उसके बाद लोकायुक्त पुलिस तुरंत वहां पहुंची और उनकी जांच की, जिसमें सिरवैया के पास से वही नोट मिले. आम जन में चर्चा है कि जनरली रिश्वत तो सभी ले रहे हैं. लेकिन कम से कम अपने पद अपनी हैसियत का तो ध्यान रखना चाहिए. प्रभावशाली पद पर ऐसा कार्य रिश्वत लेते पकड़े जाना रिश्वतखोरी की पराकाष्ठा दर्शाता है.

इंदौर लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, पूर्व सरपंच धर्मराज की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए बुरहानपुर में जिला पंचायत सीईओ अमिताभ सिरवैया को 25 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है. धर्मराज ने अपनी शिकायत में कहा था कि मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई नहीं करने की एवज में सीईओ रिश्वत के लिए दबाव बना रहे थे. रिश्वत के लिए 25 हजार रुपए में सौदा तय होने पर धर्मराज ने लोकायुक्त पुलिस इंदौर को पूरे मामले की शिकायत कर दी. लोकायुक्त एसपी ने शिकायत की तस्दीक होने पर एक विशेष टीम का गठन किया. टीम ने जाल बिछा कर रिश्वत की 25 हजार रुपए राशि लेते ही सिरवैया को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.


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