'पाकिस्तान में रोटी नहीं है, भेजना है तो यूरोप अमेरिका भेजो' - आजम खान


वसीम रिजवी ने कहा था कि राम मंदिर का विरोध करने वाले ये वही लोग हैं जिन्हें मुल्क के बंटवारे के समय जिन्ना के साथ पाकिस्तान या बांग्लादेश चले जाना चाहिए था, लेकिन वह नहीं गए और आज के दौर में यही लोग भारत को खंडित करना चाहते हैं।

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। वसीम रिजवी ने कहा था कि भारत के मुसलमान राम मंदिर का विरोध करते हैं उन्हें बांग्लादेश-पाकिस्तान चले जाना चाहिए। इस बयान पर आजम खान ने मोदी सरकार पर तंज कसा और तीखी प्रतिक्रिया भी दी है। 

उन्होंने कहा कि अगर मुसलमानों को भेजना ही है, तो वैसे देश भेजने की पैरवी क्यों करते हैं, जहां रोटी नहीं है। आजम खान ने कहा कि भेजना ही है तो यूरोप भेजो, अमेरिका भेजो। आजम खान ने कहा कि अगर मुसलमानों को भेजना है तो पूरी तरह से भेजो। आजम खान ने कहा, “भेजना है तो उन देशों में क्यों भेजते हो जहां रोटी नहीं है, देश के बादशाह ऐसा चाहते हैं तो यूरोप भेजें, अमेरिका भेजें, अमेरिका के तानाशाह से भी अच्छी दोस्ती है उनकी, पर टोटल माइग्रेशन होना चाहिए।” 

उल्लेखनीय है कि मदरसों में आतंकी शिक्षा दिये जाने का सनसनीखेज बयान देकर चर्चा में आए सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी शुक्रवार (2 फरवरी) को अयोध्या पहुंचे और विवादित परिसर में विराजमान रामलला का दर्शन किए और साधु-संतों से मुलाकात की। यहां पर उन्होंने राम मंदिर निर्माण की पैरवी की।

खबर जनसत्ता से 
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