किसान की कर्जमाफी भीख और कार्पोरेट की कर्जमाफी बट्टा खाता



''राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने किसानों का कर्ज माफ किया, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज जी ने आज किसान सम्मलेन में इसे भीख बताया। दोनों ही प्रदेशों में BJP की सरकारें हैं किसान की कर्जमाफी भीख और कार्पोरेट की कर्जमाफी बट्टा खाता के योग्य आखिर कब तक मरता रहेगा किसान? कब तक पिसती रहेगी आम जनता?''

भोपाल। देश के 19 राज्यों में भाजपा की सरकार है, लेकिन विचारों और नीतियों में समानता नहीं है। यूपी में चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने किसानों को कर्जमाफी का ऐलान किया था। महाराष्ट्र में भाजपा सरकार ने इसे नकार दिया। अब राजस्थान में सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया ने किसानों की कर्जमाफी की घोषणा की है, जबकि मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह ने इसे भीख बताया है। लोग कंफ्यूज हैं कि आखिर भाजपा की नीतियां क्या हैं। एक से दुसरे प्रदेश में भाजपा का चेहरा बदल क्यों जाता है। 

राजस्थान सरकार के बजट पेश होने के कुछ ही देर बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शिवराज सिंह चौहान ने किसान सम्मेलन को संबोधित किया। राजस्थान के बजट में किसानों के कर्ज माफ करने का प्रबंध किया गया है। इस दौरान किसानों की कर्ज माफी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान को भीख नहीं उचित दाम चाहिए। बता दें कि कर्ज माफी की मांग को लेकर मप्र में किसान आंदोलन हो चुका है। मंदसौर गोली कांड के बाद यह और ज्यादा भड़क गया था। किसानों ने सड़कों पर उतरकर कर्जमाफी की मांग की है। 

कर्ज माफी के बजाए एक नया प्लान बताते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि एक तिहाई डिफॉल्टर किसान हैं। मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना की घोषणा करते हुए बताया कि बकाया ब्याज सरकार भरेगी। किसानों को 2 किश्तों में मूलधन जमा कराना होगा। आधा पैसा चुकाने पर वो 0% ब्याज पर 15 हजार का लोन ले सकेगा। 

राजस्थान बजट के मुख्य अंश
वसुंधरा ने बजट भाषण में किसानों का 50 हजार रुपए तक का कर्ज करने की घोषणा की है। लघु और सीमांत किसानों के लिए की गई इस घोषणा से सरकार पर 8 हजार करोड़ रुपए का भार पड़ेगा। कर्ज में सितंबर 2017 तक का ब्याज भी माफ कर दिया गया। किसान कर्ज राहत आयोग बनाया गया है। 

खबर भोपाल समाचार से 

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