दो मासूमों के साथ पिता ने लगाई फाँसी

गोरखपुर- गोरखनाथ थाना क्षेत्र के पार्वतीपुरम पचपेड़वा निवासी ऋतु राज 30 वर्ष पुत्र रमेश शर्मा अपनी दो बेटियों नैना 4 वर्ष और निरुपमा ढाई वर्ष को कल शाम के समय टीनशेड के पाइप में मफलर बांधकर अपने दोनों बच्चियों सहित आत्महत्या कर लिया, जिसकी जानकारी कुछ देर बाद जब मृतक के पिता रमेश, बच्चो को काफी देर से बाहर खेलते हुए नहीं देखा तो घर के तरफ गया, तो अंदर जाकर देखा कि दोनों पोतियों और पुत्र फांसी लगा लिया था, जिसकी सूचना गोरखनाथ पुलिस को दी मौके पर फारेंसिक टीम व गोरखनाथ पुलिस पहुच कर जांच पड़ताल कर रही है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया. मृतक मैरिटल अलुमिनियम फैक्ट्री में काम करता था. यह लोग मूल रूप से गोला गोपाल पुर के रहने वाले है. पिछले 10 सालो से दुर्गा प्रसाद के घर मे किराये पर रहते थे.

मेरे हिसाब से यह आत्महत्या नहीं हत्या है, जो वर्तमान व्यवस्था द्वारा की गई है. बिना मां के दो बच्चों को पाल रहे पिता के मनोबल आत्मबल को बढ़ावा देने के लिए इस समाज में कोई नहीं बचा? कमरे में ईटों के सहारे लटके हुए तख्ते और खाली डब्बा को देख कर हम इस परिवार की आर्थिक तंगी और बदहाली का अंदाजा भी लगा सकते हैं. आज वर्तमान में हमारी जो व्यवस्था है, उसने हर आदमी अपने रोटी, कपड़ा, मकान, न्याय, आत्मसम्मान, आत्मसुरक्षा के जद्दोजहद में व्यस्त रहने के लिए मजबूर सा कर दिया है, किसी को अपने अलावा किसी अन्य की सुधि लेने के लिए समय ही नहीं. हम क्यों ऐसे हो गए? क्यों हमारे देश में आदमी की जान की कीमत नहीं है? ऐसी नीतियां बना दी गई हैं कि, देश में गाय मरती है दंगे हो जाते हैं, किसी धर्म स्थल में किसी मरे हुए जानवर के मांस का टुकड़ा गिरता है दंगे हो जाते हैं, लेकिन हर दिन में सैकड़ों आत्महत्या सैकड़ों बलात्कार के अलावा बड़ी आबादी का शोषण इस देश में हो रहा है, इस पर चुप्पी... क्यो? 
साथियों यही से हमारी लड़ाई शुरू होती है, यही वह बातें हैं जो हमें चैन से नहीं बैठने देतीं, यही वो बातें हैं कि हम एक आम आदमी की तरह समझौता कर अपनी जिंदगी बेचारगी में लोगो को मरते हुए देखते हुए गवाना नहीं चाहते. फिलहाल नैना निरमा निरुपमा ऋतुराज इस दुनिया में नहीं है.
राजेश कुमार 

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