सुनिये मुख्यमंत्री जी, भांजियों की गुहार, उजाले की है दरकार



सरकार ने ने ''बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'' अभियान के विज्ञापन पर करोड़ों रुपए ख़र्च कर दिए, लेकिन एक छोटे से गाँव की बेटियों की पढ़ने की लालसा अँधेरे में ख़त्म हो रही है, सरकार एक डी पी नहीं रखवा पा रही.

ग्राम पीलूखेडी, (शमशाबाद) में पिछले चार साल से डी पी जली हुई है और बिजली कटी हुई है. यहाँ की छात्राओं ने कई बार शासन से शिकायत दर्ज कराई, कलेक्टर साहब से भी मिलीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. इस वर्ष ये बेटियाँ बोर्ड के दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षाएँ देंगी, लेकिन ये चिंतित हैं कि बिजली न होने की वजह से ये पढ़ नहीं पा रहीं. दिन में घर के कार्य भी करने होते हैं. छात्र छात्रायें निराश हैं कि उनके अंक इस बार अच्छे नहीं आएँगे.

जहाँ मुख्यमंत्री जी ने ''बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'' अभियान के विज्ञापन पर करोड़ों रुपए ख़र्च कर दिए हैं, वही इस छोटे से गाँव की बेटियों की पढ़ने की लालसा को मंत्री जी ने अनदेखा कर दिया. एक डी पी नहीं रखवा पाये.

विदिशा से ज्योत्स्ना यादव  

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