दर्द जब बेहिसाब होता है








हँसती आँखों में आब होता है 
दर्द जब बेहिसाब होता है ।

ज़िन्दगी उलझे जिन सवालों में 
आखिरी पल जवाब होता है ।

हिज्र में जिक्रे यार कैसे हो
दिल में इक इज़्तेराब होता है ।

बुलबुला था तो टूटना ही था
ख़्वाब आखिर में ख़्वाब होता है ।

है ये अहसासे इश्क़ पल भर का
उम्र भर फिर अज़ाब होता है ।

छोड़ दे इन्तेज़ार का दामन
वक़्त यूँ ही ख़राब होता है ।

उम्र भर क्या 'सुमन' रहेगा जब
चार दिन का शवाब होता है ।

          @ चित्रा भारद्वाज 'सुमन'



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News Digital India 18

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1 comments:

  1. खूबसूरत गजल !!!!!!!

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