जिसे भगवान में आस्था नहीं, उसे मंदिर में प्रवेश क्यों? बालाजी मंदिर से निकाले जाएंगे 44 गैर हिंदू कर्मचारी

''आंध्र प्रदेश के तिरुमला में स्थित तिरुपति बालाजी नाम से प्रसिद्ध भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर से राज्य सरकार ने 44 गैर हिंदू कर्मचारियों को निकालने का फैसला लिया गया है. इसके पीछे तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) का तर्क है कि जिसे भगवान में आस्था ही नहीं उसे मंदिर में प्रवेश क्यों दिया जाए?''


तिरुमला. कुछ दिन पहले मंदिर की महिला कर्मचारी का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह चर्च में प्रार्थना कर रही है. जिसके बाद मंदिर में गैर-हिंदुओं की नियुक्ति के मामले ने तूल पकड़ लिया था. मामला तूल पकड़ने के बाद राज्य सरकार ने इसमें दखल देते हुए यह फैसला लिया है. अब आंध्रप्रदेश के तिरुमला स्थित इस भगवान वेंकटेश्वर या विष्णु जी के प्रसिद्ध तिरुपति बाला जी मंदिर से 44 गैर हिंदू कर्मचारियों को निकाल कर सरकार उन्हें दूसरी नौकरियां देगी.

TTD ने इस कदम के पीछे सफाई दी है कि मंदिर में किसी भी ऐसे शख्स को आने की अनुमति नहीं, जो भगवान में आस्था या विश्वास ही ना रखता हो. हाल ही में टीटीडी के सतर्कता और प्रवर्तन प्रमुख रवि कृष्णा ने एक रिपोर्ट सब्मिट कर बताया था कि तिरुपति मंदिर में 44 गैर हिंदू पुरुष महिलाएं काम करती हैं. 

उल्लेखनीय है कि साल 1998 तक तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम TTD में कर्मचारियों को रखे जाने को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं था, लेकिन 2007 में नया नियम लाया गया, जिसके अनुसार मंदिर में गैर हिंदू कर्मचारियों को नहीं रखा जाएगा.

गौरतलब है कि साल 2007 में भी आंध्र प्रदेश सरकार ने निर्देश जारी किए थे तिरुमला हिंदू श्रद्धालुओं की ही रहेगी. दूसरे धर्मों का प्रचार-प्रसार भगवान वेंकटेश्वर की इस धरती पर निषेध रहेगा. उल्लेखनीय है कि सरकार ने मंदिर और उससे जुड़े शिक्षण संस्थानों में भी गैर हिंदुओं की नियुक्ति न करने का आदेश दिया था. इस साल नए साल के जश्न पर भी यह कहते हुए रोक लगा दी गई कि नए साल का जश्न हिंदू संस्कृति के खिलाफ है.  

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