प्लास्टिक के तिरंगे झंडे, अब नहीं मिलेंगे सड़क पर पड़े



भोपाल | आगामी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्लास्टिक के राष्ट्रीय झंडे नहीं बिकेंगे. जो कोई भी व्यक्ति प्लास्टिक के झंडे बेचता हुआ पाया जायेगा, उसके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी. 

गणतंत्र दिवस से पहले केंद्र सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे प्लास्टिक से बने राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) का इस्तेमाल नहीं करें. सरकार ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को ध्वज संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है. दिये गये निर्देशों में कहा है कि 26 जनवरी को विक्रय किये जाने वाले राष्ट्रीय ध्वज सही आकार के होना चाहिए. झंडे की लंबाई व चौड़ाई में निर्धारित अनुपात होना चाहिए. जो कोई भी व्यक्ति इन निर्देशों का उल्लंघन कर गलत आकार व प्लास्टिक के झंडे बेचता हुआ पाया जायेगा, तो उसके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी.

निर्देशों में कहा गया है कि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा-दो के मुताबिक- कोई भी व्यक्ति जो किसी सार्वजनिक स्थान पर या किसी भी अन्य स्थान पर सार्वजनिक रूप से भारतीय राष्ट्रीय झंडे या उसके किसी भाग को जलाता है, विकृत करता है, विरूपित करता है, दूषित करता है, कुरूपित करता है, नष्ट करता है, कुचलता है या उसके प्रति अनादर प्रकट करता है या (मौखिक या लिखित शब्दों में, या कृत्यों द्वारा) अपमान करता है तो उसे तीन वर्ष तक के कारावास से, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा.
कहा गया कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और खेलकूद के अवसरों पर भारतीय ध्वज संहिता के प्रावधान के अनुरूप, जनता केवल कागज से बने झंडों का ही प्रयोग करे तथा समारोह के पूरा होने के बाद ऐसे कागज के झंडों को न विकृत किया जाए और न ही जमीन पर फेंका जाए. ऐसे झंडों का निपटारा उनकी मर्यादा के अनुरूप एकांत में किया जाए. 
उल्लेखनीय है कि हमेशा ही इस तरह के प्लास्टिक के तिरंगे झंडे गली गली हर चौक चौराहे पर बिकते और फिर सड़क पर पड़े मिलते हैं. इससे तिरंगे का अपमान देश का अपमान होता रहा है. अब इस दिशा में सरकार उठाया गया कदम सराहनीय बताया जा रहा है. 
Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc