सूचना अधिकारी व पंचायत सचिव पर पच्चीस हजार का जुर्माना






भोपाल. म.प्र. राज्य सूचना आयोग ने अपने आदेशों की अवहेलना करने और अपीलार्थी को चाही गई जानकारी न देने पर लोक सूचना अधिकारी व पंचायत सचिव जगदीश जाटव को पच्चीस हजार रू. के जुर्माने से दंडित किया है. साथ ही चेतावनी दी है कि अब भी वांछित जानकारी न दी, तो सचिव के खिलाफ सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20 (2) के अंतर्गत भी दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी.


राज्य सूचना आयुक्त आत्मदीप ने अपीलार्थी के. के. शर्मा की अपील पर फैसला सुनाते हुए जाटव को अधिनियम की धारा 3 व 7 तथा आयोग के आदेषों का उल्लंघन करने का दोषी करार दिया है. आयुक्त ने जाटव पर धारा 20 (1) के तहत अधिकतम शास्ति अधिरोपित करते हुए आदेशित किया है कि जुर्माने की रकम एक माह में आयोग कार्यालय में जमा कराएं, अन्यथा यह राशि उनके वेतन से काटने की कार्यवाही की जाएगी. साथ ही आवश्यक होने पर उनके विरूध्द, आयोग को प्राप्त सिविल न्यायालय की शक्तियों का इस्तेमाल भी किया जा सकेगा. 

फैसले में कहा गया है कि ग्राम पंचायत जड़ेरू (मुरैना) के लोक सूचना अधिकारी व सचिव जगदीश जाटव आयोग द्वारा नियत 3 पेशियों  में लगातार गैरहाजिर रहे. यही नहीं, उन्होने न अनुपस्थिति का कोई कारण सूचित किया, न अपील उत्तर प्रेषित किया, न आयोग द्वारा उनके विरूध्द जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब पेश किया और न ही आयोग द्वारा पारित 3 आदेशों का पालन किया. जनपद पंचायत, पहाड़गढ़ के निर्देष और आयोग के आदेशों के बाद भी अपीलार्थी को वांछित जानकारी नहीं दी. 

जौरा के अपीलार्थी ने ग्राम पंचायत, जड़ेरू में मनरेगा व रोजगार गारंटी योजना के तहत भरे गए मस्टर रोल, माप पुस्तिका, बिल व्हाउचर आदि से संबंधित जानकारी मांगी थी, पर जाटव ने 30 दिन की नियत समय सीमा में यह जानकारी नहीं दी. 

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News Digital India 18

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