'बहुत हो गया, शिवराज अब लौट आओ' मुख्यमंत्री को लिखे ख़त में कमलनाथ ने ये लिखा



प्रदेश में समस्याओं को लेकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा कर कहा है बहुत हुआ अब लौट आओ. दिखिए और क्या क्या लिखा है-  

प्रिय शिवराज सिंह जी ,
आपको प्रदेश का मुख्यमंत्री बने 12 वर्ष से अधिक हो चुके है ....इन 12 वर्षों में आप प्रदेश की भोली -भाली जनता को विकास के झूठे दिवास्वप्न व झूठी घोषणाओं -वादों से गुमराह व भ्रमित करते आ रहे हो....लेकिन प्रदेश की जनता अब आपके जुमले -वादों की हक़ीक़त को भली -भाँति समझ चुकी है....

आपकी सरकार के कार्यकाल के इस अंतिम वर्ष में , पूरे प्रदेश में चारों और अराजकता का माहौल है....प्रदेश का हर वर्ग उद्वेलित व आंदोलनरत है....लेकिन आपके कानो में कोई जूँ नहीं रेंग रही है...

आप और आपकी सरकार कभी यात्राओं में, कभी अभियानो में, कभी विदेश यात्राओं में, कभी विकास यात्राओं में,कभी आयोजनो में , कभी जश्न में और बाक़ी समय चूनावो -उपचुनावों में लगी रहती है...

प्रदेश की जनता को आप भगवान और ख़ुद को पुजारी कहते है लेकिन इस पुजारी  को भगवान ढूँढ नहीं पा रहा है....

प्रदेश  की जनता  की और से यह खुला पत्र आपको लिखकर आग्रह कर रहा हूँ कि " शिवराज अब लौट आओ "....

प्रदेश की जनता आपको पुकार रही है....पिछले कुछ समय से इस अराजकता के माहौल में कई ऐसी घटनाएँ घटित हुई है , जिससे प्रदेशवासी शर्मसार हुए है पर अफ़सोस आपको शर्म नहीं आयी...?

अब तो नगरीय निकाय का चुनाव प्रचार भी ख़त्म हो गया है....एकात्म यात्रा भी समापन की ओर है....दो उपचुनाव की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है , आप फिर उसमें लग जाओगे, विकास के बड़े -बड़े दावे करोगे , झूठी घोषणाएँ करोगे ,उसके पहले " शिवराज लौट आओ "....

अपनी माँगो को लेकर प्रदेश में समाज का हर वर्ग आंदोलनरत  है...और आप विकास की ढीगे हाँक रहे है....विकास की कुछ तस्वीर ,कुछ शर्मनाक मामले व वास्तविकता  आपके समक्ष इस पत्र के माध्यम से रख , आपको ज़मीन पर लौट जाने का आग्रह कर रहा हूँ...

1. कुछ दिनो पूर्व अपनी माँगो को लेकर लंबे अरसे से आंदोलन कर रही महिला अध्यापको व अन्य अध्यापको ने आपकी सरकार की वदाखिलाफ़ी व बेरुख़ी से त्रस्त होकर अपना मुंडन करवा लिया....प्रदेशवासी इस घटना से शर्मशार हो गये....उम्मीद थी , आप लौट आओगे , पर आप लौटे भी नहीं और शर्मशार भी नहीं हुए...?

2.अपनी 23 सूत्रीय माँगो को लेकर कई दिनो से भूखे -प्यासे आंदोलनरत दिव्यांगो पर आपकी पुलिस ने डंडे बरसाकर , उन्हें गिरफ़्तार कर लिया....पर आप लौटे नहीं..?

3. मूरेंना में खाद के लिये परेशान किसानो पर जमकर लाठियाँ बरसायी गयी ...नरसिंहपुर में गन्ना उत्पादक किसान कई दिनो से आंदोलनरत है....आपको पुकार रहे है ,पर आप लौटे नहीं ?

4. प्रदेश के ग्वालियर व सुसनेर में सेकडो गौमाताओ की अकाल मौत हो गयी ....पर आप लौटे नहीं ?

5. मासूमों के साथ दुष्कर्म पर फाँसी के विधेयक को पास करवाकर आप ख़ुद का सम्मान करवाकर चल दिये....आज भी दुष्कर्म  की घटनाएँ रोज़ घटित हो रही है , पर आप लौटे नहीं ?

6. प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा व शिक्षा की स्थिति शर्मनाक स्थिति में है ...महिलाओं के खुले में प्रसव , नसबंदी के बाद ज़मीन पर सुलाने , बच्चों के शौचालयों व मवेशियों के बाड़ों में पढ़ने के कई मामले सामने आये...आप विकास पर्व मनाने में लगे रहे , पर लौटे नहीं ?

7. एसआरएस द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट में प्रदेश ढाई हज़ार करोड़ ख़र्च के बावजूद , शिशु मृत्यु दर में फिर देश में प्रथम आया , पर आप लौटे नहीं..?

8. प्रदेश में बेरोज़गारी का ये आलम है कि पिछले दिनो संपन्न पटवारी भर्ती परीक्षा में कुल 9235 पदों के लिये 10 लाख 20 हज़ार आवेदन आये और ग्वालियर ज़िला कोर्ट के चपरासी के कुल 57 पद के लिये 60 हज़ार आवेदन...? युवा रोज़गार  को लेकर आपके लौटने का इंतज़ार कर रहा है ?

9. आप प्रदेश में 40 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई का दावा करते है और आपके इलाक़े सिहोर के नसरूल्लागंज के 74 गाँव के किसान, सिंचाई की माँग को लेकर विरोध का बिगुल बजा आपके लौटने का इंतज़ार कर रहे है?

10.आप भावांतर योजना को देश के लिये रोल मॉडल बता रहे है...वही किसान इसे फैल मॉडल बता रहे है...आपके मंत्रीगण कह रहे है" किसान पहले मालगुज़ार था और अब जीवनगुज़ार....भावांतर योजना में फ़र्ज़ीवाडा हो रहा है...." ...प्रदेश में किसान रोज़ आत्महत्या कर रहे है, आप जश्न मना रहे है...

प्रदेश  की जनता यह तस्वीर दिखा कह रही है ....
" शिवराज अब तो लौट आओ - अब तो लौट आओ "
              आपका 

            कमलनाथ
Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc