अच्छी नौकरशाही के कारण आज किसान भावांतर की तारीफ कर रहे हैं -मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान





भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि समस्याओं का पूर्वानुमान लगाते हुए उसके समाधान की रणनीति तैयार रखना और विस्तृत योजना तैयार करना सुशासन के लिए सहायक होता है। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश की नौकरशाही देश की सबसे अच्छी नौकरशाही है। यहां कलेक्टर से लेकर वरिष्ठ सचिव स्तर के अधिकारी भी जनता के साथ मिलकर और उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप काम करते हैं। मुख्यमंत्री यहां तीन दिवसीय आईएएस सर्विस मीट के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। सर्विस मीट का आयोजन मध्यप्रदेश आईएएस ऐसोसिएशन द्वारा किया गया है। श्री चौहान ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होना अपने आप में जीवन का मिशन है। इसमें सेवा भाव सर्वोच्च होता है। जीवन को हर पल सार्थक बनाने की ईमानदार कोशिश लोकसेवक को करते रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की ब्यूरोक्रेसी ने टीम मध्यप्रदेश के रूप में कई असंभव से लगने वाले काम सफलता पूर्वक किये है। उन्होंने भावांतर भुगतान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके क्रियान्वयन में प्रारंभिक कठिनाईयों को दूर कर लिया गया और आज किसान योजना की तारीफ कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, पुल, पुलिया भवन बनाने के साथ लोगों की जिंदगी बनाना, समाज को दिशा देना और अच्छे विचारों का प्रसार कर लोगों को मार्गदर्शन भी देना सरकार का काम है। उन्होंने ‘ एकात्म यात्रा ‘ की चर्चा करते हुए कहा कि आदि शंकराचार्य ने भारत की सांस्कृतिक एकता और अखण्डता के लिए मठों की स्थापना कर धार्मिक पुनरोत्थान का काम किया। उन्होंने कहा कि समाज को वैचारिक रूप से एकजुट रखना भी आवश्यक है। श्री चौहान ने कहा कि समाज के कुछ मुद्दे ऐसे हैं जो केवल प्रशासन और पुलिस से हल नहीं होते । समाज के सहयोग की जरूरत होती है। उन्होंने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा से जुड़े विषयों की चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में बेटियों की गरिमा को धूमिल करने वाले नर पिशाचों को मृत्युदण्ड देने का कानून बनाकर पुरूष प्रधान मानसिकता को बदलने की पहल की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में लोगों के कल्याण और प्रदेश के विकास की तड़प होना जरूरी है। हर विषय पर सकारात्मक सोच रखना होगी। यथास्थितिवाद से बड़ा परिर्वतन नहीं आ सकता। ब्यूरोक्रेसी के सहयोग से मध्यप्रदेश आज विकास के हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय कर काम करने की प्रवृत्ति बढ़ाएं ताकि समय से काम पूरे होते रहें। मुख्यमंत्री ने नए साल की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नये साल में नवाचारी प्रशासन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान बनाने के लिए तैयार रहें।

मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह ने स्वागत भाषण में मीट के आयोजन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि हर साल मीट का आयोजन किसी ज्वलंत विषय पर विचार-विमर्श के साथ शुरू होता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष ‘आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस और प्रशासन’ विषय पर विचार-विमर्श रखा गया है। उन्होंने विषय की प्रस्तावना रखते हुए बताया कि आज दुनिया के विभिन्न देशों में प्रशासन प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अधिकाधिक उपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि विशाल डाटा प्रबंधन की समस्या आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से हल हो सकती है। इससे निर्णय लेने में मदद मिलेगी। एमपी आईएएस एसोसिएशन की अध्यक्षा श्रीमती गौरी सिंह ने मीट की रूपरेखा की जानकारी दी । उन्होने बताया कि मीट में विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए पांच विशेष पुरस्कार अलग से रखे गये हैं।

शुभारंभ सत्र में दो मिनट का मौन धारण कर आईएएस एसोसियेशन के सदस्य स्वर्गीय श्री अरूण पण्ड्या को श्रद्धांजलि दी गई । श्री अरूण पण्ड्या का हाल ही में निधन हो गया है। मीट में आयोजन समिति के उपाध्यक्ष श्री प्रमोद अग्रवाल, आईएएस एसोसियेशन के उपाध्यक्ष श्री फैज अहमद किदवई, प्रशासन अकादमी की महानिदेशक श्रीमती कंचन जैन, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और जिला कलेक्टर उपस्थित थे।



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