भोपाल गैंगरेप : ट्रांसफर कर बचाया, मामला ठंडा करने का प्रयास






"कार्यवाही से जनता संतुष्ट नहीं है, कहा जा रहा है इस प्रकार से सरकार ने उन्हें साफ़ साफ़ बचा लिया है. और मामले को ठंडा करने का प्रयास किया जा रहा है. कोई यह भी जानने की कोशिश नहीं कर रहा कि पीड़ित के मन पर इस बात से कितना दुःख हो रहा होगा."

भोपाल गैंगरेप मामले में मीडिया को हंस-हंसकर गैंगरेप की डीटेल्स देने वाली रेलवे एसपी अनिता मालवीय एवं आईजी योगेश चौधरी को स्थानांतरित कर एक प्रकार से मामले को हवा देने वालों को ठंडा कर दिया गया है. 
राजधानी में हुए गैंगरेप के बाद एसपी रेल अनिता मालवीय के असंवेदनशील और गैरजिम्मेदाराना बयान की सोशल मीडिया में जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही थीं. गैंगरेप के सवालों का हंसते हुए जवाब देने के कारण अनिता मालवीय के खिलाफ सोशल मीडिया पर जमकर कमेन्ट किये जा रहे थे. मामले की देश भर में चर्चा हुई और लोग असंवदेनशील व आपराधिक-लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों को सेवाओं के लिए अयोग्य मानते हुए सेवा से पृथक करने की व्यवस्था की मांग कर रहे थे. 
ऐसे किसी भी हादसे के बाद सबसे पहले सामने पुलिस प्रशासन ही होता है. पुलिस अधिकारियों का संवेदनशील होना और उनके काम व व्यवहार में ऐसा दिखना भी चाहिए, लेकिन जो दिखा वह शर्मनाक था. 

मीडिया की स्थिति भी देख लीजिये, मामले में कई न्यूज़ चेनल और पोर्टल्स दावा कर रहे हैं कि ये उनकी खबर का इम्पेक्ट है, यानि वह कार्यवाही से संतुष्ट हैं. लेकिन कार्यवाही से जनता संतुष्ट नहीं है, कहा जा रहा है इस प्रकार से सरकार ने उन्हें साफ़ साफ़ बचा लिया है. और मामले को ठंडा करने का प्रयास किया जा रहा है. कोई यह भी जानने की कोशिश नहीं कर रहा कि पीड़ित के मन पर इस बात से कितना दुःख हो रहा होगा.

देखिये महिला एसपी का हंस कर घटना की जानकारी देने का वीडियो 




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News Digital India 18

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