ऐसे हों अधिकारी, कहा था 'देखते हैं क्या कर सकते हैं' और मचा दिया रेत माफिया में हडकंप





रतलाम. जैसे ही जिले के आलोट में बतौर SDM लक्ष्मी गामड़ ने 26 अक्टूबर को ज्वाइन किया, मीडिया ने अपना रोल निभाते हुए क्षेत्र की समस्याएं उनके सामने रख दीं. मीडिया ने मुख्य रूप से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की ओर ध्यान खींचा और पूछा कि आप की रणनीति क्या रहेगी? तब लक्ष्मी मेम ने इतना ही कहा था 'देखते हैं क्या कर सकते हैं.' और अब, काम करो तो चर्चा होती है, बात दूर तलक जा रही है. 

शनिवार को सुबह 8.30 चम्बल नदी पर उन्होंने अपने तरीके से दविस देकर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन करते 4 जेसीबी, 17 ट्रेक्टर ट्राली, 7 रेत धुलाई करने वाली मशीनें पकडीं. SDM बैक से वहां पहुँचीं, सो अवैध रेत उत्खनन और परिवहन करने वाले भू-माफिया के लोग उन्हें पहचान नहीं पाए. बाद में पीछे पीछे चार पहिया वाहनों से उनका अमला पहुंचा तब भाग-दौड़ मच गई. सभी जब्त वाहन बरखेडीकलां थाना परिसर में खड़े करवाए गए हैं.
उन्होंने बताया जैसे हर नए स्थान पर लोग आपसे कुछ नया कर गुजरने की अपेक्षा करते हैं. वैसे ही आलोट के हमारे सबसे जागरूक और प्रिय मीडिया बंधुओं ने भी मुझे वैसे ही वहाँ से सम्बंधित स्थानीय मुख्य समस्या अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की ओर ध्यान खींचा और पूछा कि आप की रणनीति क्या रहेगी? तब मैने सहज भाव से कहा देखते हैं, क्या कर सकते हैं, चूँकि मैं जानती थी कि मेरा कुछ भी कहना अभी उचित नहीं होगा इसके लिए मुझे करके बताना होगा कि प्रशासन कमजोर नहीं हैं.

पिछले 15 दिनों से लगातार अवैध रेत खनन माफिया मुझे जीभ चिढ़ा रहे थे कि तुमसे कुछ नहीं होगा, वो शायद मेरे महिला होने पर मुझे न के बराबर आँक रहे थे. आलोट सबडिवीजन में मेरी तहसीलदार और नायब तहसीलदार दोनों ही महिला हैं, इससे कुछ लोगों में व्यंग्यात्मक लहजे में यह चर्चा भी सुनने को मिली कि 'देखते हैं तीन देवियां मिलकर क्या करती हैं! बस फिर क्या था, वो लगे नदी का सत्यानाश करने में, पर शायद वो भूल गए कि जहाँ देवता हार कर त्राहिमाम-त्राहिमाम करते हैं, उसी के बाद ही तो काली का जन्म होता है.
मैं जानती थी कि रोज मेरी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. और मेरे ऑफिस में #शोले वाले हरिराम कुछ ज्यादा ही हैं पर हम भी कहाँ हार मानते, गाजर को ही रिवॉल्वर बना के काम निकाल लिए. हरिराम और उनके आंका दोनों ही समझ नहीं पाए कि आखिर ये हम तक कैसे पहुँच गए. 
उन्होंने बताया ये तो मेरे सभी प्रिय मित्रों के लिए अब भी सीक्रेट ही रखना चाहूंगी क्योंकि अभी तो मेरी रेवेन्यू टीम और धमाके करेगी.  मैं उन रेत माफियाओं को बताना चाहती हूँ कि चलो तुम डाल-डाल तो हम भी पत्तो पर चलने का हुनर जानते हैं. मेरी पूरी रेवेन्यू टीम जिसमें तहसीलदार स्वाति तिवारी, विजय सेनानी, नायब तहसीलदार अनुराधा सकवार , रेवेन्यू इंस्पेक्टर अमित कुमार जाटव, रेवेन्यू इंस्पेक्टर महेंद्र वाडिया, पटवारीगण रमेश सोलंकी, गोविंद,प्रशान, महेश सिंह, देव चौहान, रफ़ीक़, शिखा, राजीव, सालीग्राम, नारायण, रामरतन, बरखेड़ीकलां थाना प्रभारी गोपाल गुणावत और अन्य साथियों ने शानदार तरीके से इस कार्यवाही को अन्जाम दिया. सभी का मैं दिल से आभार,शुक्रिया, धन्यवाद व्यक्त करती हूँ. 

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