'काश कोई मुझे रोक पाता' लिखा और फंदे पर झूल गई रीवा की रितिका




इंदौर। 'सब लोग खुश रहना, जाते हुए आज कुछ बोलना नहीं चाहती। काश कोई मुझे रोक पाता। पर अब जीना ज्यादा मुश्किल हो गया है। दीदी अच्छे से रहना, अपना हर ड्रीम पूरा करना। आईलवयू मां-पापा एडं दीदी... सॉरी मैं लड़ नहीं पाई आपकी बेटी।' यह लिखा और उपवन नगर रीवा की रहने वाली इंजीनियर युवती रितिका सिंह पिता देवेंद्रसिंह परिहार (25) ने इंदौर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रितिका इंदौर नगरनिगम में इंजीनियर थी और यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। 

सुसाइड से पहले रितिका ने अपना फेसबुक अकाउंट डीलिट कर दिया था। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस व्यक्तिगत मामलों के साथ साथ नगर निगम में रितिका की स्थिति की भी जांच कर रही है।
एमआईजी पुलिस के मुताबिक, रितिका बड़ी बहन रचना के साथ फ्लैट नंबर 102, यूनिक पैलेस सोसायटी श्रीनगर मेन में रह रही थी। करीब डेढ़ महीने से वह छुट्टी पर थी और परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। सोमवार दोपहर दोनों बहनें अपने-अपने कमरे में सोने गईं। शाम करीब 5.30 बजे रचना की नींद खुली तो देखा कि रितिका पंखे से लटक रही थी। उसके शोर मचाने पर लोग पहुंचे। रचना ने घटना की जानकारी निगम कंट्रोल रूम में दी और वहां से पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ तथ्य पता चलेंगे।

रचना ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले ही रितिका ने अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट किया था। वह सोशल मीडिया से पूरी तरह कटी हुई थी। इसके पीछे के कारणों की जानकारी पता नहीं चल सकी है। पुलिस ने कमरे को सील कर मोबाइल आदि जब्त कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक रूप से मोबाइल की जांच करने पर आत्महत्या करने संबंधी कोई सबूत नहीं मिला। अभी जांच जारी है। उसके पारिवारिक जीवन के साथ ही नगर निगम में जाकर भी पड़ताल की जाएगी। संभव है वहां किसी को इस घटना से जुड़े कारणों की जानकारी हो। रितिका स्वच्छ भारत मिशन से भी जुड़ी हुई थी।
खबर भोपाल समाचार से

Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc