दिल्ली में पॉल्यूशन : क्या सिगरेट से ऑक्सीजन निकलती है?




दिल्ली में पॉल्यूशन की समस्या कुछ सालों से ज्यादा परेशान कर रही है. यह एक चिंता का विषय है, हालांकि अब यह समस्या दिल्ली से पृथक दूसरे शहरों में भी दिखाई देने लगी है. जैसे आगरा लखनऊ कानपुर हालांकि प्रदूषण पैदा करने के बहुत सारे कारण हैं, किंतु दिल्ली सरकार केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट को सिर्फ पराली जलाना गाड़ियों से, ट्रकों से निकलने वाला धुआं और साल में एक बार आने वाली दिवाली में पटाखों से उत्पन्न होने वाला प्रदूषण ही कारण दिखाई दे रहा है, लेकिन मैं यह पूछना चाहता हूं उन बुद्धिजीवियों से जो प्रदूषण का आकलन करते हैं, क्या सिगरेट से ऑक्सीजन निकलती है? दिल्ली में कितने लोग सिगरेट पीते हैं, जो स्वयं को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ और 5 लोगों के लिए धुआं वातावरण में छोड़ देते हैं, जो उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है. 
दिल्ली में प्रतिदिन 2 लाख लोग भी सिगरेट का सेवन करते हैं, तब वह 10 लाख लोगों के लिए प्रदूषण पैदा करने का कारण बनते हैं और यही हाल दूसरे शहरों में भी है, फिर इस पर सरकार अपना ध्यान क्यों आकर्षित नहीं करती, उसका भी एक बहुत बड़ा का कारण है, पहला कि सरकार को नशे की हर चीज जो वैधानिक रूप से मार्केट में बिकती है, उससे बड़ा राजस्व मिलता है. 
यह भी है कि नेताओं को और वर्तमान सरकार को नशा उत्पादक कंपनियां मोटा चंदा भी देती हैं, ताकि उनके विषय में कोई बात ना की जाए, यहां तक कि मीडिया को भी इस विषय में खामोश पाया है. इसीलिए यकीन नहीं होता नेता, पत्रकार, मंत्री क्या वाकई चिंतित हैं प्रदूषण के प्रति, क्योंकि जब तक किसी भी समस्या का समाधान पूरी ईमानदारी से नहीं खोजा जाएगा, तब तक उसका हल निकलना मुश्किल है. आज नहीं तो कल आपको अपने स्वार्थ को गौड़ करना ही होगा, लेकिन तब तक कहीं बहुत देर न हो जाए.
आलोक शर्मा

Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc