स्कूलों में 'कोमल' बताएगी, गुड टच और बेड टच



राजगढ़. महिला बालविकास विभाग द्वारा कराये गए सर्वे में बाल यौनशोषण के चौकाने वाले मामले सामने आये हैं, जो चिंता का विषय हैं, वर्तमान में जो माहौल है, उसमें बच्चों को गुड और बैड टच में अंतर समझना बहुत जरुरी हो गया है. आपके द्वारा अपने बच्चों को दी गई अच्छे और बुरे स्पर्श की जानकारी उनको सुरक्षित रखने में मदद करेगा. 

पुलिस विभाग द्वारा भी बालिका स्कूल या छात्रावासों में जाकर उन्हें जागरुक करते हुए हेल्प लाइन नंबर दिए जा रहे हैं, ताकि विपरीत परिस्थियों में वे मदद ले सकें, वहीं सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए एसपी सुश्री सीमाला प्रसाद ने महिलाओं और बालिकाओं की मदद के लिए शक्ति मोबाईल की शुरुवात कीहै, तो वहीँ अभिनव पहल करते हुए मुख्यमंत्री द्वारा महिला अपराधों की रोकथाम हेतु आयोजित बैठक में स्कूलों में बालिकाओं को गुड टच और बेड टच की जानकारी देने के निर्देश दिए है.

सभी स्कूलों में 'कोमल' जो कि गुड टच और बेड टच पर आधारित एक 10 मिनट की एनिमेटेड फिल्म है की सीडी उपलब्ध कराई जायेगी. इस फिल्म में कोमल एक स्कूली बच्ची है, जिसके पड़ोसी उसे उपहार देने और खेलने के दौरान बेड टच करते हैं, जिसके बाद कोमल गुमसुम और परेशान रहने लगती है और शिक्षिका के द्वारा उसकी माँ को बताने पर पूरा मामला सामने आता है. उक्त फिल्म में चाइल्ड हेल्प लाईन नंबर 1098 पर फोन कर कोमल के माता-पिता मदद लेते हैं, जिसके बाद शिक्षिका द्वारा अपने आप को सुरक्षित रखने के साथ ही गुड टच और बेड टच के बारे में बताया जाता है कि आपके शरीर के कुछ जगह सिर्फ आपकी माँ जब तुम्हे नहला रही हो या डॉक्टर वो भी जांच करते समय माता-पिता की उपस्थिति में छु सकते हैं, जिसके छुने से आपको शर्म, डर, गंदगी या उदासी लगे, आपको गन्दी तस्वीरें दिखाए या उसकी निजी जगह को दिखाए या ऐसा बर्ताव करे, जो तुम्हे अच्छा न लगे तो जिस पर सबसे ज्यादा भरोसा है, उन्हें बताओ. गलती आपकी नहीं है कि आपके साथ जिसने कुछ इस तरह का किया गलती उसकी है. फिल्म में गलत करने वाले के खिलाफ मुकाबला करने का सन्देश दिया गया है.

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News Digital India 18

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