दिल्ली में खतरनाक वायु प्रदूषण की वजह से उम्र 6 साल घटी




पटाखे वैन से नहीं मिल सका कोई फ़ायदा
पटाखों पर रोक लगाकर सिर्फ
वाहवाही बटोरी नेताओं ने

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में रहने वाले लोगों की जिंदगी खतरनाक वायु प्रदूषण की वजह से लगभग छह साल कम हो चुकी है. अगर एनसीआर में डब्लूएचओ मानकों को लागू किया जा सका तो लोग नौ साल तक अधिक जीवित रहेंगे। राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण अब तक के सर्वोच्च स्तर पर है. मौसम की स्थिति तेजी से बिगड़ती जा रही है.

दिल्ली में वायु प्रदूषण का लेवल मान्य स्तर से 12-19 गुना बढ गया है, लेकिन अभी तो कोई पटाखे नहीं चल रहे हैं और जब दीपावली पर जब पटाखे चले थे, तब वायु प्रदूषण का स्तर इतना नहीं बढा था, तो अब क्या हो गया. क्या सिर्फ दीपावली पर पटाखे चलाने से रोकने से ही प्रदूषण का स्तर कम हो जाता है, तो फिर ऐसा क्यों नहीं हुआ?
क्योंकि वायु प्रदूषण बढने में पटाखे चलाने से होने वाले प्रदूषण का बहुत छोटा हिस्सा है, लेकिन वायु प्रदूषण बढने के जो मुख्य कारण हैं, उन पर कोई भी सरकार या न्यायालय क्यों नहीं सख्ती दिखाते हैं?
वायु प्रदूषण बढने के मुख्य कारण हैं 
1. डीजल पेट्रोल गाडियों का उत्सर्जन
2. फैक्टरियों से निकलता प्रदूषित धुंआ
3. निर्माण कार्यों से उडती धूल
4. फसलें कटने के बाद ठूंठों को खेतों में जलाने से बढता हुआ धुंआ
सवाल उठता है कि क्या कोई भी सरकार या न्यायालय इन सब कारणों से बढते हुये वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कोई नीति बनाकर वायु प्रदूषण कम करने के लिए कदम उठायेगी, या फिर नेता दीपावली पर चलने वाले पटाखों पर रोक लगाकर वाहवाही बटोरते रहेंगे और बुजुर्ग और बच्चे वायुप्रदूषण से गंभीर बीमारियों से जूझते रहेंगे. 
@ डॉ. प्रमेन्द्र ठाकुर 
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News Digital India 18

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