थोड़ा भ्रष्टाचार कम कर दें, तो आम जनता को मिल सकता है बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली-पानी-केजरीवाल



दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ ही बिजली-पानी सरकार की जिम्मेदारी है, जो उसे सस्ते में अधिक बेहतर मिलना चाहिए और यह सरकार की नीयत पर निर्भर करता है। हमने अधिकारविहीन होने के बाद भी इन मुद्दों पर अन्य राज्यों से बेहतर काम करके दिखाया है। 
भोपाल के गांधी भवन में केजरीवाल रविवार की शाम को नागरिकों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारें बजट की कमी बताती हैं, जबकि उनकी नीयत खराब है। हमने ढाई साल में जहां दिल्ली के लोगों को सस्ती बिजली दी, सरकारी स्कूलों के कमरे बनवाए, स्कूलों में लिफ्ट व स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं दीं। शिक्षा को लेकर उन्होंने मध्यप्रदेश से तुलना करते हुए बताया कि यहां 48 फीसदी रिजल्ट आता है, लेकिन दिल्ली के सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 88 फीसदी है, जबकि प्राइवेट स्कूलों का बारहवीं का रिजल्ट 77 प्रतिशत आया। उन्होंने दावा किया कि अब दिल्ली में लोगों सरकारी स्कूलों में बच्चों का प्रवेश करा रहे हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों को जगह-जगह मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं। दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक में अमीर लोग भी इलाज कराने पहुंच रहे हैं। पूरी दिल्ली में डेढ़ हजार मोहल्ला क्लीनिक खोल रहे हैं। इसकी फाइल भी एलजी ने दबा ली थी। उनके सारे विधायकों ने जब धरना दिया, तब जाकर फाइल पर हस्ताक्षर किए। 
उन्होंने कहा कि बिजली में 8 हजार करोड़ का भ्रष्टाचार आडिट में सामने आया, उस पर भी स्टे हो गया। हम सुप्रीम कोर्ट गए हैं। फिर भी हमने बिजली के बिल आधे कर दिए, यदि यह स्टे हटता है तो हम दरें चौथाई कर देंगे। श्रमिकों के न्यूनतम वेतन को लेकर उनका कहना था कि पूरे देश में सर्वाधिक वेतन दिल्ली में तय किया गया है। पानी को लेकर उनका कहना था कि बीस हजार लीटर तक पानी फ्री दे रहे हैं, ज्यादा पर पैसे ले रहे हैं। हमने इसमें भी बचत कर ली। उन्होंने सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार मैं पैसे की कमी नहीं होती है नीयत का सवाल है। थोड़ा भ्रष्टाचार कम कर दें, तो सब किया जा सकता है। 
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