भाजपा जनता को भ्रमित कर जाल में फंसा लेती है, इस बार ऐसा नहीं होने देंगे : ज्योतिरादित्य सिंधिया


कांग्रेस सरकार में आने पर किसानों के कर्ज माफ करेगी
जैसा उन्होंने पत्रकार संजय सक्सेना को बताया 

भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस पुराने चेहरों को बदलने की तैयारी कर रही है। तीन बार लगातार विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद अब जो रणनीति बनाई जा रही है, उसमें युवाओं और नए चेहरों को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है। यही नहीं, जीतने वाले उम्मीदवार तलाशे जाएंगे और भितरघात पर पैनी नजर रखी जाएगी। प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस आशय के संकेत दिए हैं। भोपाल में अल्प प्रवास के दौरान रविवार को सिंधिया ने एब्सल्यूट इंडिया से कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश


 * सबसे बड़ा सवाल मध्यप्रदेश में ठोस विकल्प का है, क्या जनता कांग्रेस से इस मुद्दे पर आश्वस्त हो पाएगी?
कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
एब्सल्यूट इंडिया के पत्रकार संजय सक्सेना से
बातचीत करते हुए 


- जनता वर्तमान शिवराज सरकार से बुरी तरह से त्रस्त हो चुकी है। वह जान चुकी है कि उसे ठगा गया है। प्रदेश में कांग्रेस ही विकल्प के रूप में है। और वह पूरी तरह से मैदान में उतर चुकी है। 
* प्रदेश में भाजपा ने चुनाव की तैयारी तेज कर दी है, लेकिन कांग्रेस संगठन चुनाव में व्यस्त है?
- संगठन चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के आवश्यक अंग होते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि कांग्रेस सुस्त है। हम जनता से जुड़े हर मुद्दे को उठा रहे हैं। उसके लिए संघर्ष कर रहे हैं। संगठन चुनाव के बाद हमारा चुनाव अभियान भी तेज हो जाएगा। 
* प्रदेश में लगातार तीन बार से भाजपा सरकार चुनाव जीतती आ रही है, कांग्रेस इस बार ऐसा क्या नया करेगी कि उसकी जीतने की संभावना बने?
- भाजपा जनता को भ्रमित करने में सफल हो जाती है, और जनता उनके जाल में फंस जाती है। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं होगा। कांग्रेस इस बार पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। 
* विधानसभा चुनाव में टिकट किस आधार पर बांटे जाएंगे?
- हम जीतने वाले उम्मीदवारों को टिकट देंगे। हमारी प्राथमिकता होगी कि नए, युवा और महिलाओं को अधिक से अधिक टिकट दिए जाएं। इनमें ऊर्जा है और संघर्ष की क्षमता है।
* कांग्रेस को चुनाव में हराने में पार्टी के ही लोगों की भूमिका अहम मानी जाती है, इसके लिए क्या कोई कदम उठाया जाएगा?
- इस बार हम प्रयास कर रहे हैं कि जिसे भी टिकट मिले, सारे लोग उसके साथ मिलकर चुनाव जिताएं। जो अन्य दावेदार हैं, उन्हें हम दूसरी तरह से संतुष्ट कर सकते हैं। सभी को तो टिकट नहीं दिया जा सकता है। 
* कहा जाता है कि बड़े नेताओं में आपसी गुटबाजी पार्टी के लिए घातक हो जाती है?
- प्रदेश के सारे कांग्रेस नेता इस बार एकजुट हैं। हम सभी ने मिलकर चुनाव लड़ने का निश्चय किया है। कमलनाथ, दिग्विजय, अजय सिंह, अरुण यादव, हम स्वयं। सभी एक मंच पर आकर कई आंदोलन कर चुके हैं।
* संगठन चुनाव में भी खींचतान की खबरें आ रही हैं?
- निचले स्तर पर कुछ हो सकता है, लेकिन अब चुनाव संपन्न हो चुके हैं। कहीं कोई अंतरविरोध नहीं है। 
* कांग्रेस प्रमुख रूप से किन मुद्दों को उठाएगी?
- मुद्दों की कमी नहीं है। प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। चारों ओर भ्रष्टाचार व्याप्त है। अराजकता का माहौल है। किसानों पर गोलियां-लाठियां चल रही हैं। नौजवानों को काम नहीं मिल रहा है। अवैध रेत उत्खनन हो रहा है। मुख्यमंत्री सहित पूरा मंत्रिमंडल भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरा हुआ है। महिलाओं और विशेषकर नाबालिग किशोरियों के साथ अपराध बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हालत बहुत खराब है। इन मुद्दों को लेकर हम जनता के बीच जाएंगे। 
* प्रदेश में किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं, क्या प्रमुख कारण मानते हैं?
- देखिए मुख्यमंत्री स्वयं को किसान और किसानपुत्र कहते हैं, लेकिन उनके शासनकाल में किसानों की स्थिति बहुत दयनीय है। लगातार सूखा व अन्य कारणों से फसलें खराब हो रही हैं और मुख्यमंत्री कृषि कर्मण अवार्ड ले रहे हैं। किसान कर्ज में दबा जा रहा है, फसल बीमा, राहत और मुआवजे के रूप में इतना कम पैसा मिलता है कि उससे वह अपना खर्च तक नहीं निकाल पाता। अगली फसल के लिए फिर कर्ज लेता है। कांग्रेस सरकार में आने पर किसानों के कर्ज माफ करेगी। उसके साथ ही राहत और मुआवजे की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। 
* प्रदेश सरकार ने अलग से कृषि केबिनेट का गठन किया है और मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि खेती को लाभ का धंधा बनाएंगे?
- आपके सामने सारी स्थितियां हैं। अलग से कृषि केबिनेट के गठन से कौन से अच्छे परिणाम सामने आए हैं? क्या किसानों की आत्महत्या का सिलसिला रुक गया है? 
* पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की नमर्दा परिक्रमा को लेकर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
- हमारे वरिष्ठ नेता हैं। उनकी काफी समय से नमर्दा परिक्रमा की इच्छा थी, जैसा कि उन्होंने स्वयं कहा है। यह पूरी तरह से धार्मिक यात्रा है। मैं और पूरी कांग्रेस उनके साथ है। 
* यात्रा को लेकर विरोधी सवाल उठा रहे हैं?
- देखिए विरोधियों का काम तो विरोध करना होता है। इस यात्रा में जब वह साफ कह चुके हैं कि कोई राजनीति नहीं है। वे कहीं कोई भाषण नहीं दे रहे हैं और न ही किसी राजनीतिक कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। हर चीज का विरोध करना ठीक नहीं। 
* प्रदेश चुनाव में आप अपनी क्या भूमिका देखते हैं? 
- मैं पहले ही कह चुका हूं। प्रदेश के सारे नेता एक साथ हैं। हमें जो भी भूमिका पार्टी नेतृत्व देगा, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। पहले भी हमें जो जिम्मेदारी हाईकमान ने सौंपी, हम उनका ईमानदारी से निर्वहन करने का प्रयास करते आए हैंं।
संजय सक्सेना की वाल से साभार 


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