कोटवारों को दिया जाये राज्य कमचारी का दर्जा : रामस्वरूप

कोटवारों को दिया जाये राज्य कमचारी का दर्जा : रामस्वरूप
जागरूक कोटवार संघ प्रदेश अध्यक्ष श्री रामस्वरूप अहिरवार ने उठाई मांग
लिखा मुख्यमंत्री श्री शिवराज जी को पत्र 

भोपालl मध्यप्रदेश जागरूक कोटवार संघ प्रदेश अध्यक्ष श्री रामस्वरूप अहिरवार ने प्रदेश के कोटवारों को सरकार से अपना चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी का दर्जा देने सहित कम से कम 15000/- मासिक वेतन देने और उन्हें प्रदत्त जमीन का मालिकाना हक़ दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराज जी को पत्र लिख कर मांग की है
पत्र में उन्होंने बताया है कि गांवों में कोटवार पीड़ियों से सरकार की सेवा करते आ रहे हैंl राजस्व का महत्वपूर्ण कार्य वह करते हैं, पुलिस के साथ अपराध नियंत्रण में वह काम करते हैं, पंचायत में जनहितकारी शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में वह सहयोग करते हैं, इसी के साथ अत्यधिक महत्त्व के निर्वाचन सहित विभिन्न कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान निरन्तर देते आ रहे हैंl बदले में उन्हें कुछ भी ख़ास नहीं मिलताl 
उन्होंने बताया कि किसी को विश्वास नहीं होगा कि एक कोटवार को वेतन के रूप में केवल 400 रूपये मासिक मिलते हैं, पर यही सच हैl कुछ कोटवारों को सेवा के बदले शायद कम वेतन की पूर्ती के लिए भूमियाँ दी गयी हैं, लेकिन वह एक तो पर्याप्त नहीं हैं, किसी को 2 एकड़, किसी को 5 एकड़ तो किसी को 10 एकड़ भूमि दी गयी हैl अन्य को 1000/- 1500/- या अधिकतम 2000/- वेतन के रूप में मिलता हैl 
पूर्व में प्रदाय भूमि पर कोटवारों के नाम दर्ज थे, लेकिन कुछ वर्षों पूर्व से वह हटा दिए गए हैं, जबकि वादा यह किया गया था कि सेवाभूमि पर कोटवारों को मालिकाना हक़ दिया जाएगा, उन्हें भूमिस्वामी बनाया जाएगा, लेकिन ऐसा तो नहीं किया गया और उनके नाम ही हटा दिए गए हैंl 
उन्होंने बताया कि हमारे कुछ साथी कोटवार श्री रामभरोसे, श्री सदाराम, श्री प्रेमचंद, श्री रामदयाल, श्री फूलसिंह, श्री रामसिंह, श्री हीरालाल आदि सेवाभूमि पर मालिकाना हक़ के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं, जहाँ से न्यायालय द्वारा कोटवारों को मालिकाना हक़ देने के लिए आदेश किया गया है, इसके बाद भी कोटवार भूमि पर मालिकाना हक़ से वंचित हैंl     
उन्होंने बताया कि जून 2007 में कोटवार पंचायत में मुख्यमंत्री श्री शिवराज जी द्वारा मालिकाना हक़ देने के लिए घोषणा की थी, लेकिन उस पर कार्यवाही अभी तक नहीं हो सकीl 
उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक अकुशल मजदूर को भी न्यूनतम मजदूरी कलेक्टर रेट 6950/- मासिक निर्धारित है, कुशल मजदूर को 9185/- एवं उच्च कुशल को 10485/- रुपये मासिक है, जबकि कोटवार आज की तारीख में पटवारियों के साथ उच्चतम टेक्निकल कार्य ETSM सीमांकन मशीन तक चलाने में हाथ बंटा रहे हैंl 
उन्होंने बताया कि कोटवारों को न तो कोई बाद में पेंशन आदि मिलती है, ऐसे में उनका भविष्य दांव पर हैl उन्होंने मांग की है कि प्रदेश के कोटवारों को सरकार अपना चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी का दर्जा दे और उन्हें प्रदत्त जमीन का मालिकाना हक़ दिया जाएl  साथ ही कोटवारों को कम से कम 15000/- मासिक वेतन दिया जाये, ताकि वह भी ठीक से अपना और अपने परिवार का भरण पोषण सहित बच्चों को उचित शिक्षा दिला सकें और सरकार की सेवा और ज्यादा अच्छे से कर सकेंl 


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News Digital India 18

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