नायब तहसीलदार पर गलत दबाब बनाने की चर्चा के बीच मंत्रालय में अपर सचिव बनाए गए नरेंद्र सिंह परमार


भोपाल. आय से अधिक संपत्ति के मामले में बर्खास्त आईएएस दंपती टीनू अरविंद जोशी ने अपनी भू-अधिकार पुस्तिका गम हो गयी है, बताते हुए नवीन डुप्लीकेट के लिए आवेदन के बाद समय सीमा में नहीं बनाने को लेकर आईएएस अफसर अपर आयुक्त नरेंद्र सिंह परमार और नायब तहसीलदार राजन शर्मा आमने-सामने आ गए, जिसे लेकर कलेक्ट्रेट के अफसरों में मामला चर्चा का बना, इसी बीच अपर आयुक्त राजस्व भोपाल संभाग नरेंद्र सिंह परमार का स्थानान्तरण कर अपर सचिव मंत्रालय बना दिया गया है.
मामले में नायब तहसीलदार शर्मा का कहना है कि जोशी परिवार की यह संपत्ति इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में अटैच है. नई पुस्तिका जारी करने पर जोशी यह प्रॉपर्टी बेच सकते हैं. उन्होंने भू-अधिकार पुस्तिका देने के लिए इनकम टैक्स विभाग से अभिमत मांगा है. वहीं अपर आयुक्त राजस्व भोपाल संभाग नरेंद्र सिंह परमार ने जांच के निर्देश दिए हैं. उनका तर्क है कि भू अधिकार पुस्तिका जारी करने के लिए 45 दिन की समय सीमा तय है तो फिर तहसीलदार ने देरी क्यों की? कलेक्ट्रेट के अफसरों में मामला चर्चा में है. कहा जा रहा है नायब तहसीलदार पर किसी अधिकारी का दबाव बनाया जाना ठीक नहीं है.
राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता तक भी मामला पहुँच गया है. उन्होंने राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिए हैं कि जोशी दंपती की नई भू-अधिकार पुस्तिका तब तक इश्यू न की जाए जब तक की इनकम टैक्स की एनओसी न मिल जाए.
और ताजा समाचार यह है कि आज ही अपर आयुक्त राजस्व भोपाल संभाग नरेंद्र सिंह परमार का स्थानान्तरण कर अपर सचिव मंत्रालय बना दिया गया है.

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