'बचपन बचाओ' के गढ़ विदिशा की सड़कों पर कचड़ा साफ करने मजबूर बचपन


विदिशा. यह है विदिशा की तस्वीर. और तकदीर विदिशा की सड़कों पर से कचड़ा साफ करता एक मासूम बालक. 
जिस विदिशा की गलियों से निकल कर बच्चों के अंकल कैलाश सत्यार्थी बचपन बचाओ में नोबल ले लिए. अब विदिशा के बच्चों पर भी नज़रे इनायत कर लें. ये बाल मजदूरी नहीं तो और क्या है? सफाई अभियान इस उमर में, कोई बताएगा यह हंसता-खैलता बचपन है या बाल मजदूरी? जनता में सवाल है कि क्या ऐसे ही बचेगा बचपन?

विदिशा से मुआज़ मेहमूद कामिल



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News Digital India 18

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