डॉ सुलक्षणा को मिला प्रो. शम्भूदयाल स्मृति सम्मान



नरेंद्र मोदी विचार मंच की महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष, शिक्षाविद एवं कवयित्री डॉ सुलक्षणा अहलावत को गुगनराम एजुकेशनल एण्ड सोशल वेलफेयर सोसायटी, बोहल द्वारा हरियाणा संस्कृत अकादमी, पंचकूला के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रो. शम्भूदयाल स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। हरियाणा संस्कृत अकादमी, पंचकूला के निदेशक डॉ सोमेश्वर दत्त शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में शिरकत की और उन्हीं के कर कमलों से डॉ सुलक्षणा को यह सम्मान मिला। उन्हें यह सम्मान उनके विद्या वाचस्पति के शोध कार्य के लिए प्रदान किया गया। 
डॉ सुलक्षणा ने अमेरिकी साहित्यकार रॉबर्ट पैन वॉरेन के साहित्य पर शोध की हुई है। उनके शोध का शीर्षक सेल्फ एण्ड हिस्ट्री इन द नॉवेल ऑफ रॉबर्ट पैन वॉरेन है। इसी मौके पर डॉ सोमेश्वर दत्त शर्मा जी ने उन्हें हरियाणा संस्कृत अकादमी, पंचकूला की तरफ से एक स्मृति चिह्न भेंट करके सम्मानित किया। डॉ सोमेश्वर दत्त ने यह स्मृति चिह्न उन्हें साहित्य क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए प्रदान किया। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में अन्य राज्यों से भी विद्वतजन पधारे। 
सोसायटी के संस्थापक सचिव एडवोकेट नरेश सिहाग ने इस कार्यक्रम में पहुंचे सभी विद्वतजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब हमें एकजुट होकर अपनी संस्कृति को बचाने के लिए हिन्दी और संस्कृत भाषा को बचाना होगा। डॉ सोमेश्वर दत्त ने सभी विद्वतजनों से संस्कृत को बचाने की अपील करते हुए कहा कि दुनिया की सबसे पुरानी भाषा संस्कृत है। संस्कृत के बिना अन्य सभी भाषाएं अधूरी हैं। 
इस कार्यक्रम में आचार्य रमेश मिश्र, दर्शनाचार्य सहदेव शास्त्री, डॉ रेखा सोनी, नरेश सिहाग, डॉ रश्मि बजाज, विमलेश आर्य आदि विद्वतजनों ने अपने विचार रखे।
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