बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए, डॉ सुलक्षणा साहित्य सरोज शिक्षक प्रेरक सम्मान से सम्मानित



बच्चों की मेहनत के कारण आज वो इस मुकाम पर हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि आने वाले समय में और बेहतर परीक्षा परिणाम लाया जाए। यह बात यहाँ नरेंद्र मोदी विचार मंच की महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष, जानी मानी कवियित्री एवं शिक्षाविद डॉ सुलक्षणा अहलावत ने शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने सम्मान समारोह के अवसर पर कही  
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होकर वो गौरवांवित महसूस कर रही हैं और इसके लिए पूरा श्रेय अपने विद्यार्थियों की मेह्नत को देती हूँ 
माँ कामाख्या के आँचल में बसे एशिया महाद्वीप के सबसे बड़े गाँव गहमर में अखिल भारतीय कवि/पत्रकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में गहमर वेलफेयर सोसायटी गहमर (उत्तर प्रदेश) द्वारा साहित्य सरोज शिक्षक प्रेरक सम्मान से डॉ. सुलक्षणा अहलावत को सम्मानित किया गया। पूरे भारतवर्ष से केवल ग्यारह शिक्षक/शिक्षिकाओं को इस सम्मान से नवाजा गया। 
चरखी दादरी की बेटी डॉ सुलक्षणा अहलावत आरोही मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवासन मेवात में कार्यरत है। डॉ. सुलक्षणा एक कवयित्री, शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। हर रोज अखबार, पत्रिकाओं में उनकी रचनाएँ छपती रहती हैं जिनके माध्यम से वो समाज को जागरूक करने का काम कर रही हैं। 
डॉ. सुलक्षणा एक अच्छी कवयित्री के साथ साथ एक अच्छी शिक्षिका भी हैं। शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा कहे जाने वाले मेवात में बोर्ड की कक्षाओं में उनके विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम हैरान कर देने वाला होता है। उनके द्वारा पढ़ाये जाने वाले अंग्रेजी विषय में विद्यार्थियों ने 99 अंक तक प्राप्त किये हैं जो कि मेवात में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। आज मेवात के बच्चे इनके मार्गदर्शन में नए आयामों को छू रहे हैं। आजकल सोशल मीडिया पर भी उनकी काफी चर्चा होती रहती है जिसका कारण उनकी लेखनी एवं उनके सामाजिक कार्य और उनके पढ़ाने का अंदाज है। 
बेटियों की शिक्षा को लेकर भी डॉ सुलक्षणा निरंतर प्रयास रहती हैं कि कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित ना रहे। बेटियों की शिक्षा के लिए भी वो समाज को जागृत करती रहती हैं। आज तक अनेक संस्थाओं द्वारा उन्हें विभिन्न सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इस कार्यक्रम में डॉ सुलक्षणा सहित समीर परिमल बिहार, श्रीमती रविता पाठक पंश्चिम बंगाल, कमला पति गौतम मध्यप्रदेश, श्रीमती वीणा श्रीवास्तव झारखंड श्रीमती चेतना उपाध्याय राजस्थान, डा. ज्योति मिश्रा बिलासपुर छतीसगढ़, कपिल देव मिश्र वाराणसी, संजय सिंह गाजीपुर, रामअवतार यादव गाजीपुर, कन्हैया सिंह, गहमर इन्टर कालेज के प्रधानाचार्य अखिलेश राय इत्यादि को साहित्य सरोज शिक्षा प्रेरक सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस मौके पर डॉ. सुलक्षणा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होकर वो गौरवांवित महसूस कर रही हैं। उन्होंने इस सम्मान का श्रेय अपने विद्यार्थियों को देते हुए कहा कि बच्चों की मेहनत के कारण आज वो इस मुकाम पर हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि आने वाले समय में और बेहतर परीक्षा परिणाम लाया जाए। 
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