संविदा पर भर्ती "महँगा रोये एक बार सस्ता रोये बार बार" जैसी बात







संविदा पर भर्ती से तहसीलदार जैसे एक महत्वपूर्ण पद की महत्ता

कम होगी : मुकुट सक्सेना


राजस्व के सभी महत्वपूर्ण रिक्त पद विभागीय स्तर पर डीपीसी से भरे जाएँ


मध्यप्रदेश जागरूक पटवारी संघ ने उठाया मुद्दा

भोपाल : प्रदेश सरकार की जनहितैषी योजनाओं को मूर्त रूप देने, क्रियान्वयन में प्रमुख जिम्मेदार राजस्व विभाग में लम्बे समय से बड़ी संख्या में रिक्त पद एक बड़ी बाधा के रूप में सामने हैं. यह पद भरे जाने की बातें लम्बे समय से ही की जा रही हैं, लेकिन उन्हें अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है. इससे निश्चित रूप से सरकार की जनहितैषी योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है.  हाल में मुख्यमंत्री श्री शिवराज जी की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में तहसीलदार, नायब-तहसीलदार के संभागवार रिक्त पदों की पूर्ति संविदा पर करने का निर्णय लिया गया, जिसमें संविदा नियुक्ति सशर्त 65 वर्ष तक की आयु सीमा वाले सेवानिवृत्त तहसीलदार एवं नायब-तहसीलदार से किये जाने की बात की जा रही है. 
इस सम्बन्ध में मध्यप्रदेश जागरूक पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुकुट सक्सेना द्वारा मुख्यमंत्री श्री शिवराज जी एवं राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता जी को पत्र लिख कर बताया गया है कि बेहतर होगा कि राजस्व विभाग में लम्बे समय से बड़ी संख्या में रिक्त पद भरने की कार्यवाही जल्द की जाए एवं विभागीय स्तर पर डीपीसी की जाकर तहसीलदार के रिक्त सभी पद नायब-तहसीलदार से एवं सभी नायब-तहसीलदार के रिक्त पद राजस्व निरीक्षक व पटवारी वर्ग से भरे जाएँ और इसी के साथ राजस्व निरीक्षक के रिक्त पद पटवारी वर्ग से भरे जाकर ऐसी सभी रिक्त पटवारी पदों पर शीघ्र परीक्षा आयोजित की जाकर पटवारी पद भरे जाएँ.
श्री सक्सेना ने पत्र में कहा है कि ऐसा करने से न केवल विभाग के रिक्त सभी जिम्मेदार पदों पर भर्ती की जाकर सरकार की जनहितैषी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सकेगी बल्कि विभाग में योग्य युवाओं को अवसर मिल सकेगा और गुणवत्ता से कार्य होंगे. उन्होंने बताया है कि सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं शासकीय भूमि का दुरूपयोग, राजस्व सरकार की जनहितैषी योजनाओं का उचित लाभ सहित कई प्रकार से सही क्रियान्वयन नहीं होने से सरकार को हो रहे नुकसान पर भी अंकुश लग सकेगा. 
उन्होंने दावा किया है कि सरकार सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त कुल वेतन में से पेंशन की राशि घटाकर जो राशि आयेगी, वह राशि संविदा वेतन के रूप में दे कर कम राशि में काम चलाने का सोच रही है, लेकिन उस स्थिति में जैसा काम चल रहा है वैसा ही चलता रहेगा और सरकार को गुणवत्ता से किये गए कार्यों के अनुसार लाभ नहीं मिल सकेगा. उन्होंने बताया एक पटवारी के पटवारी पद से ही सेवानिवृत होने से उनके अनुभव का लाभ सरकार नहीं ले पा रही है, साथ ही इस बड़े वर्ग में असंतोष से भी नुकसान हो रहा है. यदि ऐसा किया जाता है तो विभाग के बड़ी संख्या में पटवारियों के बीच न केवल असंतोष को दूर किया जा सकेगा बल्कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सकेगा. यह कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय होगा और इसके दूरगामी सुखद परिणाम सरकार के हित में सामने आयेंगे. उन्होंने "महँगा रोये एक बार सस्ता रोये बार बार" जैसी बात पर विचार करते हुए निर्णय लिए जाने की  मांग की है. उन्होंने यह भी कहा है कि संविदा आधार पर भर्ती करने से तहसीलदार जैसे एक महत्वपूर्ण पद की महत्ता भी कम होगी. 


Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc