पंजाब-हरियाणा और झूंठा सच्चा सौदा, हालात क्यों बिगड़े?


किन लोगों की वजह से है देश खतरे में 
- मुकुट सक्सेना 

यह चित्र जो आप देख रहे हैं, निश्चित ही याद होगा. कुछ समय पहले गुजरात में शराब ले जा रहा एक ट्रक पलटा, लोग हेल्प की जगह शराब की बोतलें लूटने में लग गए. और कोई मरे उन्हें क्या, उन्हें तो विडियो बनाना पहले जरूरी है, यह तो अक्सर देखा ही जाता रहता है.  झूंठा सच्चा सौदा मामले की बात करें तो पहले से सब पता होते हुए हालात क्यों बिगड़े? के पीछे के कारणों पर बात की जाए तो इसके पीछे कारण यही है कि कथित अच्छे लोग घरों में बैठकर हालातों पर चर्चा करते रहते हैं. यूं कहें कि उसके मजे लेते रहते हैं चाय पकोड़ों के साथ. बड़ी से बड़ी समस्या अब लोगों को विचलित नहीं करती. अब वे लोग चाहे आम हों या ख़ास. और ऐसा भी नहीं है कि राजनीति में अच्छे लोग नहीं हैं, कई बड़े पदों पर भी अच्छे लोग हैं, लेकिन .... दुखद है कि ऐसे समय में सही निर्णय नहीं हो पाते.  
खरी न्यूज़ के सम्पादक श्री विनय द्विवेदी की बात सोलह आने सही फिट बैठती है कि "अगर आप आज हरियाणा के हालात पर मजे ले रहे हैं या चुप हैं तो ऐसे लोगों की वजह से ही देश खतरे में है. भक्त अगर अपराधियों के पक्ष में खड़े हैं और सरकार (ऐसी सरकार को डूब मरना चाहिए) अब जागी है. थू ऐसी सरकारों पर जो अपनी जनता की जान माल की सुरक्षा नहीं कर सकतीं।" 
सोचिये, प्रभावित इलाकों के आम लोग किस स्थिति में होंगे-कल्पना करके देखिये। बेचारे बीमार लोग मर ही जाएंगे क्योंकि ना तो अस्पताल पहुँच सकते हैं और ना ही दवाइयां मिल सकती हैं. जो मर गए उनका अंतिम संस्कार नहीं हो सकता। बच्चे बिना दूध के रो रहे होंगे। यार बहुत गुस्सा आ रहा है.
इसी प्रकार श्री विनय द्विवेदी जी की बात पर श्री राजेश मौर्य कहते हैं कि दुनियाँ के देशों में आध्यात्मिक व धार्मिक लोग सत्ता से दूर रहते हैं, लेकिन इस देश में धार्मिक व आध्यात्मिक लोग के आसपास व उसका भोग करने की तीव्र इच्छा रखते है। मुझे तो लगता है ये लोग राजनीतिक पार्टियों के लिये एजेंट का काम करते हैं। अपने अनुयायियों की भावना को चुनाव के समय सौदा करते है।
ब्राह्मण समाज श्री परशुराम इंटरनेशनल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नवीन शर्मा जी कहते हैं देश में धर्म आस्था ओर संस्कृति को पाखंडी, अय्याश, गुंडे बाबाओ ने बर्बाद कर दिया। ऐसे फर्जी धर्म के ठेकेदारों को पहचानो ओर इनका बहिष्कार करो। अब बाबाओ के नाम पर सन्देह होने लगता है किस पर विश्वास करे किस पर नही।
आजकल टीवी चैनलों पर भांति भांति के नमूने कथित फर्जी धर्म गुरु के नाम से दिखाई देते है। जिन्हें टीवी चैनल बड़े धर्म गुरु के रूप में महिमामण्डित करते है ऐसे लोगो का विरोध कर समाज को शर्मिंदा होने से बचाया जाए। यही समाज के लिये सच्ची सेवा होगी।
ऐसे राजनीतिक नेताओ पर भी समानांतर मुकदमा चलाया जाना चाहिए जो ऐसे पाखंडियो को अपने वोट की खातिर धन और राजनीतिक संरक्षण देते है। बढ़ावा देते है। इसी कारण ये लोग भोली भाली जनता और प्रशासन की नजरों में ताकतवर हो जाते है। ओर जनता को आस्था के नाम पर ठगते है।
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