प्रोफेशनल शिक्षा स्कूल में ही मिले : श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव



सेवा भारती महावीर मंडल द्वारा मेघावी छात्र सम्मान समारोह

भोपाल. स्कूलों में प्रोफेशनल वर्क की बात हुयी तो प्रोफेशनल वर्क होमवर्क  के रूप में दिया जाने लगा जिसे घर पर अभिभावक ही कर देते हैं, बच्चे को कुछ पता ही नहीं होता, यह ठीक नहीं है. बेहतर हो कि स्कूल में ही कुछ समय प्रोफेशनल वर्क सिखाने के लिए दिया जाना चाहिए. ताकि बच्चे की रूचि जानी जाकर उस अनुसार उसे आगे बढ़ने में मदद हो सके. यह बात यहाँ आयुक्त भोपाल संभाग श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव जी ने कही. वे यहाँ सेवा भारती महावीर मंडल के मेघावी छात्र सम्मान समारोह में अध्यक्षीय उद्वोधन दे रहे थे.  
उन्होंने कहा शिक्षा और खेलों में सामंजस्य बिठाकर काम करने वाले ही आगे बढ़ते हैं. इसलिए शिक्षा और खेल में सामंजस्य बिठाएं. पढ़ें भी और समय पर खेलें भी. 
संस्कार केंद्र पालक और मेघावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह में कार्यक्रम में सेवानिवृत न्यायाधीश श्री शांतिलाल जी लोढा सहित दानदाताओं द्वारा प्रमाण पत्र वितरण किया गया. 
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बाल संरक्षण आयोग के राज्यमंत्री दर्जा अध्यक्ष श्री राघवेन्द्र शर्मा जी ने आर्थिक अभाव को संस्कार से जोड़ते हुए नगण्य बताया. उन्होंने कहा आर्थिक प्रभाव बड़ी बात नहीं है जो लोग आर्थिक अभाव में जीते हैं लेकिन संस्कार लेकर चलते हैं वह आर्थिक अभाव के बाबजूद अधिक सफल रहते हैं, अपना जीवन सार्थक कर पाते हैं. उन्होंने कहा आर्थिक प्रभाव के बजाय संस्कारों से जुडा होना, संस्कार का अभाव न होना ज्यादा आवश्यक है. 
सेवा भारती महावीर मंडल संरक्षक श्रीमती आभा जी पाण्डेय ने सेवा भारती के विगत २५ वर्ष से सेवा संस्कार और समरसता पर विस्तृत प्रकाश डाला. 
 दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ करते श्री अजातशत्रु जी 
कार्यक्रम की रूपरेखा मंडल के सचिव श्री संजय हिन्ना जी और कोषाध्यक्ष श्री यशवंत गोलवलकर जी की थी, जिसे सराहा गया. कार्यक्रम में आयोजन की सम्पूर्ण व्यवस्था अध्यक्ष श्रीमती लतिका चौहान जी द्वारा की गयीं.  
इस अवसर पर बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किये गए. "राधा ढून्ढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा..." और "वन्दे मातरम् अब के बरस तुझे धरती की रानी कर देंगे.." गीतों पर मनमोहक प्रस्तुति दी गयी. जिसे उपस्थितगणों द्वारा बेहद सराहा गया. 

कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर पवन मिश्रा जी ने किया. अंत में आभार मंडल के उपाध्यक्ष एच बी शिवहरे जी ने व्यक्त किया.


आर्थिक प्रभाव के बजाय संस्कारों से जुडा होना ज्यादा जरूरी : श्री राघवेन्द्र शर्मा जी

राधा ढून्ढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा...
अब के बरस तुझे धरती की रानी कर देंगे..


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