पार्टीशन 1947 : बंटवारे की त्रासदी दिखाती फ़िल्म


समीक्षा : इदरीस खत्री

जैसा कि नाम से ही विदित है बटवारे जैसी हकीकत पर, जिसे हमने भोगा है, 


फिल्म "पार्टीशन 1947 " इतिहास के पन्ने पलटने में फ़िल्म कारगर रही है.


कहानी 1945 का परिदृश्य, आखरी वायसराय (ह्यू बोनविल) को भारत भेजा जाता है. आजादी के लिए उसी के समानांतर एक प्रेम कहानी. आलिया(हुमा कुरैशी) ओर जीत सिंह(मनीष दलाल) की भी चल रही होती है. हिन्दू मुस्लिम टकराव लाजमी होता है, क्योंकि आलिया के अब्बू (ओम पुरी)अपनी मरहूम बीवी की ख्वाइश के हिसाब से आलिया का निकाह आसिफ( अरुणोदय) से करना चाहते है. 
रेड क्लिफ लाइन बँटवारा रेखा न केवल हिंदुस्तान के सिने पर कटार है, वरन पाक के भी होगी ही. फिल्म में गांधी जी, नेहरू, जिन्ना के राजनीतिक परिदृश्य को खूबसूरती से बया किया गया है. 
निर्देशक गुरविंदर चड्ढा भारतिय मूल की ब्रिटिश फ़िल्म निर्देशिका है कि बेंड इट लाइक बेकहम, ब्राइट एन्ड प्रिज्युडियस के साथ दर्जन भर फ़िल्म निर्देशित कर चुकी है. फ़िल्म का कला निर्देशन कलाम का है चड्ढा अपने काम मे महारत रखती है. 
कास्टिंग में हुमा लाजवाब होने के साथ नए अवतार में दिखी हैं, ह्यू बोनविल उम्दा है, गिलियन एंडरसन भी शानदार हैं, राज जुत्सी, मनीष दलाल दर्शन सहज अभिनय करते हैं. ओमपुरी साहब को देख कर मलाल होता है कि एक बेहतरीन अभिनेता हमने खो दिया. 
बटवारे जैसी हकीकत पर, जिसे हमने भोगा है, इतिहास के पन्ने पलटने में फ़िल्म कारगर रही है. निर्देशन, संवाद काबिले गौर है, लेकिन फिल्म ग्रे शेड में होने के कारण मनोरंजन के आयाम में खरी नही उतरती, तो फ़िल्म केवल उन कला रसिकों को लुभाएगी, जिन्हें कलात्मक फिल्मो की समझ और रुझान है. फ़िल्म की अवधि 96 मिनिट छोटी होने से भी फ़िल्म को फायदा मिलेगा.
फ़िल्म 11 अगस्त को ब्रिटेन में वायसराय हाउस नाम से प्रदर्शित की जा चुकी है. साथ ही मयूमिख फ़िल्म उत्सव जर्मनी में भी दिखाई जा चुकी है. 
फ़िल्म से बॉक्स ऑफिस की उम्मीद करना बेकार है, गुरविंदर केवल अपने टेस्ट को परोसने में माहिर है और वो जिस दर्शक के लिए काम करती है. उन तक फ़िल्म सफलता पूर्वक पहुच जाएगी.


समीक्षक
इदरीश खत्री


समीक्षक श्री इदरीस खत्री इंदौर के अभिनय जगत में 1993 से सतत रंगकर्म में सक्रिय हैं. श्री खत्री ने लगभग 130 नाटक और 1000 से ज्यादा शो में काम किया है। 11 बार राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व नाट्य निर्देशक के रूप में लगभग 35 कार्यशालाएं,10 लघु फिल्म और 3 हिन्दी फीचर फिल्म भी इनके खाते में हैं। आपने एलएलएम सहित एमबीए भी किया है। इंदौर में ही रहकर अभिनय प्रशिक्षण देते हैं। 10 साल से नेपथ्य नाट्य समूह में मुम्बई,गोवा और इंदौर में अभिनय अकादमी में लगातार अभिनय प्रशिक्षण दे रहे श्री खत्री धारावाहिकों और फिल्म लेखन में सतत कार्यरत हैं। हमें खुशी है कि वे इस न्यूज़ पोर्टल के पाठकों के लिए निरंतर लिख रहे हैं.

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