उल्टा लटका देने की नौबत क्यों आई?


अब पटवारी जी ने लिखा प्रधानमंत्री जी को पत्र

किसान आन्दोलन के बाद किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री श्री शिवराज जी के तेवर ज्यादा ही सख्त हो गए हैं. हाल में प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक में उन्होंने राजस्व प्रकरण लंबित पाए जाने पर "कलेक्टरी लायक नहीं छोडूंगा और उलटा लटका दूंगा" जैसी बात तक कह दी. हालांकि मुख्यमंत्री जी की इस बात के पीछे किसान और एक आम आदमी के हक़ उसे मिलें योजनाओं का लाभ वास्तविक धरातल पर आम जनता को मिले सोच रही है, लेकिन यह भी देखा जाना चाहिए कि जनहित की योजनाओं  को कौन पलीता लगा रहा है?
हाल में एक तहसीलदार द्वारा बार बार स्थानान्तरण के कारण ठीक से काम नहीं कर सकने की मन की पीड़ा दर्शाते हुए प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखना पडा. अब एक पटवारी जी श्री कमल कीर ने बार बार स्थानान्तरण के कारण ठीक से काम नहीं कर सकने की मन की पीड़ा दर्शाते हुए प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखा है. सीहोर जिले के पटवारी जी श्री कमल कीर ने प्रधानमंत्री जी को लिखे पत्र में अपनी पीड़ा उजागर करते हुए लिखा है कि उनका बीस 20 बर्ष के सेवाकाल में 37 बार अकारण स्थानातरण किया गया. 5 वेतन बृध्दि रोक दी गयीं. 2 समयमान वेतनमान नहीं दिए जा रहे. 15 माह का वेतन भी रोका गया है. बर्ष 2004 से 2017 तक की किसी तहसील में गोपनीय चरित्रावली नहीं लिखी गई. 

पत्र में उन्होंने लिखा है कि म प्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग (शासकीय कर्मचारी कल्याण प्रकोष्ठ) के ज्ञापन क्र.एफ10 - 25/94/1~15/क0 क0 भोपाल दिनाक 19 अगस्त 1994 के द्वारा स्थानातरण से छूट दी गयी है, के बाबजूद उनके बर्ष 2015 से म. प्र. अनुसूचित जाति जन जाति अधिकारी कर्मचारी संध के जिलाध्यक्ष पद पर कार्यरत रहते बुधनी से 200 किलोमीटर दूर जावर तहसील कर दिया गया.
उन्होंने लिखा है कि 20 बर्ष की सेवाकाल में यह उनका 37 वा स्थानातरण था. इससे पहले नसरुल्लागंज तहसील में 1997 से जून 2004 तक 5 बार स्थानातरण किया गया. जुलाई 2004 में नसरुल्लागंज से तहसील आष्टा 130 कि मी दूर स्थानातरण किया गया. आष्टा तहसील में जुलाई 2004 से अप्रैल 2006 तक 4 बार स्थानातरण किया गया. अप्रैल 2006 में आष्टा तहसील से सीहोर तहसील और सीहोर से श्यामपुर तहसील में स्थानातरण किया गया. मई 2006 से दिसम्बर 2009 तक 6 बार अलग अलग हल्कों में स्थानातरण किया गया. दिसम्बर 2009 में सीहोर तहसील स्थानातरण किया गया, जोे फरबरी 2010 तक कार्य किया गया. मार्च 2010 में सीहोर से आष्टा तहसील स्थानातरण कर दिया गया. एक माह बाद अप्रैल 2010 में पुनः आष्टा तहसील से सीहोर तहसील स्थानातरण कर दिया गया. तहसील सीहोर में अप्रैल 2010 से जनबरी 2014 तक 13 बार अलग अलग हल्कों में स्थानातरण किया गया तथा फरवरी 2014 में  तहसील सीहोर से तहसील बुधनी स्थानातरण कर दिया गया.  मार्च 2014 से जून 2017 तक तहसील बुधनी में 5 बार स्थानातारण कर दिया गया.
पत्र में श्री कीर द्वारा बताया गया है कि उन्होंने 15 जून 2017 को ऑनलाइन आवेदन कर स्वंय के व्यय पर तहसील बुधनी से तहसील इछावर स्थानातरण चाहा गया था, लेकिन उस पर कोई विचार नहीं करते हुए और विधि विरुध्द तहसील जाबर प्रशासनिक दृष्टि से स्थानातरण कर दिया गया.
पत्र में श्री कीर ने लिखा है कि बार बार अकारण हो रहे स्थानातरण से मानसिक आर्थिक सामाजिक छवि को ठेस पहुची है. बार बार स्थान परिवर्तन होने से शासकीय कार्य करने की दक्षता में भी कमी आई है.
उन्होंने पत्र में माननीय प्रधानमंत्री जी से निवेदन किया है कि बार बार हो रहे स्थानातरण से न्याय दिलबाने इच्छित स्थान तहसील इछावर श्यामपुर या नसरुल्लागंज स्थानातरण करने तथा 15 का वेतन 5 वेतन वृध्दि 2 समयमान वेतनमान दिलवाने की कृपा करें. 
Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc