किसान आन्दोलन : मुख्यमंत्री रहेंगे कल से उपवास पर



भोपाल. आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान आन्दोलन को लेकर पत्रकार वार्ता की, जिसमें उन्होंने आंदोलनकारी किसानों से आंदोलन स्थगित करने की अपील की।
उन्होंने आंदोलनकारी किसानों को शांति बहाल करने और समस्याओं पर चर्चा के लिए खुला निमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री कल 10 जून प्रात: 11 बजे से भोपाल स्थित भेल दशहरा मैदान में किसानों से चर्चा के लिए उपलब्ध रहेंगे।
उन्होंने शांति बहाल करने के लिए अपील करते हुए कहा है कि वे उपवास पर भी रहेंगे। 
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था सर्वोपरि है। जनता की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा जो परिस्थितियाँ निर्मित हुई हैं वह ठीक नहीं है। बच्चों के हाथ में जिन्होंने पत्थर थमा दिए हैं उन्होंने ठीक नहीं किया है। ऐसे अराजक तत्वों के साथ सख्ती के साथ निपटा जायेगा।
श्री चौहान ने कहा कि 
जनता की सुरक्षा के लिये सरकार राजधर्म का पालन करेगी। सरकार ने सिंचाई, बिजली की व्यवस्था और पहले जीरो प्रतिशत बाद में दस प्रतिशत ऋणात्मक कर्ज पर किसानों को कर्ज देने आदि के कार्य किये हैं। सरकार की नीतियों से बम्पर उत्पादन हो रहा है। बम्पर उत्पादन के कारण फसलों की कीमतों में कमी आई है।
पिछले दिनों जो परिस्थितयाँ निर्मित हुई हैं उनसे होने वाली किसानों की तकलीफ को सरकार ने समझा है। सरकार ने गेहूँ, धान को समर्थन मूल्य पर खरीदा है। प्याज 8 रूपये प्रति किलो के मूल्य पर खरीदा जा रहा है। तुअर 5050 रूपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदी जायेगी। ग्रीष्म मूंग को 10 जून से 5225 रूपये प्रति क्विंटल के दर पर खरीदा जायेगा। उड़द भी 10 जून से समर्थन मूल्य पर खरीदी जायेगी। भुगतान चैक से नहीं आरटीजीएस से किया जा रहा है।उन्होंने कहा रबी और खरीफ फसलों के लिये अलग-अलग कर्ज देने की व्यवस्था को बदलने का फैसला कर दिया है। किसान एक साथ दोनों फसलों के लिये कर्ज ले सकते हैं। भविष्य में ऐसी स्थितियाँ निर्मित नहीं हो इसके लिये एक हजार करोड़ से स्थिरीकरण कोष का गठन किया जायेगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसानों को उनकी फसल का ठीक दाम मिले।
उन्होंने कहा है कि फसलों की उत्पादन लागत का निर्धारण अखिल भारतीय स्तर पर किया जाता है। इसे राज्य आधारित करने के लिये प्रदेश में कृषि लागत एवं विपणन आयोग का गठन किया जायेगा। इससे किसानों को लाभकारी मूल्य दिया जा सकेगा। खाद, बीज के लिये सौ रूपये के कर्ज की वापिसी 90 रूपये करने की व्यवस्था है इस नेट में जो किसान छूट गये हैं उन्हें नेट में लाने के लिये सरकार समाधान योजना लागू करेगी।
उन्होंने कहा है कि  मेरा पिछले साढ़े 11 सालों में मुख्यमंत्री के नाते प्रदेश की जनता का विकास और किसानों कल्याण फोकस में रहा है। सरकार ने किसानों के कल्याण के लिये अभूतपूर्व कदम उठाये हैं।
उन्होंने बताया कि किसानों की हर समस्या के समय सरकार उनके साथ रही है। जब भी किसानों पर संकट आया वह किसानों के बीच पहुँचे और उनके कल्याण के लिये कार्य किये। मध्यप्रदेश में किसान कल्याण के लिये जो कहीं भी कभी भी नहीं हुआ है वह हुआ है।सोयाबीन की फसल जब खराब हुई थी तब 4 हजार 800 करोड़ रूपये की राहत और 4 हजार 800 करोड़ रूपये बीमा राशि का भुगतान किसानों को किया गया था।
Share on Google Plus

News Digital India 18

पाठकों के सुझाव सदा हमारे लिए महत्वपूर्ण है ..

0 comments:

Post a Comment

abc abc