सम्पन्न व्यक्ति गरीब का हक न छीने : श्री जुलानिया

ग्राम उदय से भारत उदय अभियान

पात्र हितग्राही का नाम बीपीएल सूची में जोड़े और अपात्र का नाम हटायें

उज्जैन. ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के अन्तर्गत पूरे प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन जिले में भी कार्यक्रम हो रहे हैं। इसी के अन्तर्गत उज्जैन तहसील के ग्राम नरवर में ग्राम संसद आयोजित की गई। ग्राम संसद में अपर मुख्य सचिव श्री राधेश्याम जुलानिया अपराह्न में पहुंचे और ग्रामीणों से रूबरू होकर ग्राम विकास एवं ग्रामीणों की समस्याएं जानी। ग्रामीण महिलाओं ने बीपीएल में नाम जोड़ने की शिकायत पर उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि सम्पन्न व्यक्ति का नाम बीपीएल सूची से अगले तीन दिन में समीक्षा कर ग्राम में शिविर आयोजित कर उनके नाम हटाकर पात्र हितग्राहियों के नाम बीपीएल की सूची में जोड़ा जाये, ताकि उनका वाजिब हक उन्हें मिल सके।
        ग्राम संसद में नरवर निवासी पटेल कॉलोनी के जावेद पिता पप्पूभाई की बहू ने अवगत कराया कि उनकी नौ माह की बालिका शमशाद के दिल में छेद होने के कारण उसका इलाज गरीब होने के कारण नहीं हो रहा है। अपर मुख्य सचिव श्री जुलानिया ने तुरन्त प्रभारी कलेक्टर श्री आशीष सिंह को निर्देश दिये कि वह तुरन्त बीपीएल में नाम जोड़कर बाल हृदय उपचार योजना के अन्तर्गत बालिका का उपचार करवाया जाये। प्रभारी कलेक्टर ने तुरन्त आदेश के पालन में प्रभारी सीएमएचओ एवं तहसीलदार उज्जैन को शीघ्र आवश्यक कार्यवाही कर प्रकरण तैयार कर सम्बन्धित बालिका का उपचार कराये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।
        अपर मुख्य सचिव श्री जुलानिया ने ग्राम संसद में ग्राम विकास के बारे में सरपंच, उप सरपंच से जानकारी प्राप्त की और इनसे कहा कि पिछले साल की स्वीकृत राशि से गांव में सीसी रोड एवं नाली निर्माण का कार्य बारिश के पहले पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस साल स्वीकृत की जाने वाली राशि की अभी से योजना तैयार कर ग्राम विकास के कार्य में राशि व्यय की जाये। उन्होंने कहा कि पंच-परमेश्वर योजना के अन्तर्गत सीसी रोड एवं पक्की नाली निर्माण कार्य के लिये शासन से जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद सीईओ को दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं। निर्देशों में कहा गया है कि डीपीआर पत्रक में उपयंत्री एवं सहायक यंत्री के हस्ताक्षर होने पर इसे तकनीकी स्वीकृति माना जाये। तकनीकी स्वीकृति के लिये पृथक से दस्तावेज बनाने या नस्ती संधारित करने की आवश्यकता नहीं है। ग्राम की डीपीआर बनाने के उपरान्त ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव पारित कर ग्राम पंचायत की मुद्रा के साथ डीपीआर में सरपंच एवं सचिव के हस्ताक्षर किये जायें, इसे ही प्रशासनिक स्वीकृति माना जाये। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत में अनुसूचित जाति की बस्तियों में आन्तरिक मार्गों में सीसी रोड एवं पक्की नाली बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये। सामग्री खरीदी एवं मजदूरी भुगतान आदि के देयक संधारित करना आवश्यक नहीं है। ग्राम संसद के बाद श्री जुलानिया ने एक बैठक लेकर कहा कि हरियाली महोत्सव के तहत गांव में छांव हेतु पौधे लगाये जायें। इसके लिये पौधरक्षकों को तैयार किया जाये, ताकि पौधों की सुरक्षा आदि कर सकें।
        ग्राम संसद में ग्राम पंचायत नरवर की सरपंच श्रीमती कलाबाई, उप सरपंच श्री फिरोज पटेल, जनपद सदस्य श्रीमती राधा राठौर, प्रभारी कलेक्टर श्री आशीष सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संयुक्त कलेक्टर श्री एसएस रावत, जनपद पंचायत सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जिला पंचायत व जनपद पंचायत के अधिकारी एवं ग्रामीण महिला-पुरूष आदि उपस्थित थे।
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